अमृतसर मंदिर हमले पर NIA का बड़ा एक्शन; पंजाब के 3 जिलों में छापेमारी, जब्त हुए डिजिटल सबूत और अहम दस्तावेज
अमृतसर के खंडवाला मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में जुटी NIA ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में दबिश दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस हमले के तार विदेशों में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे, जो भारत में युवाओं की भर्ती और फंडिंग कर रहे थे।
नई दिल्ली : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को 2025 अमृतसर मंदिर ग्रेनेड आतंकी हमले के मामले में चल रही जांच के तहत पंजाब के तीन सीमावर्ती जिलों में कई जगहों पर तलाशी ली।
अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर जिलों में 10 जगहों पर की गई तलाशी के दौरान मोबाइल, डिजिटल डिवाइस और डॉक्यूमेंट्स सहित कई आपत्तिजनक सामान जब्त किए गए।
पिछले साल 14 मार्च की रात को अमृतसर में शेर शाह रोड पर खंडवाला में ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर के बाहर एक धमाका हुआ था।
एनआईए की जांच में बाद में पता चला कि यह हमला विदेश में बैठे कई हैंडलर्स के निर्देश पर किया गया था, जिन्होंने इलाके में दहशत फैलाने के लिए विस्फोटक और हथियारों का इंतजाम किया था।
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Follow News Tv India on WhatsAppयह मंदिर हमला पंजाब राज्य में अलग-अलग आतंकी समूहों के गुर्गों द्वारा आतंकी साजिश के तहत किए गए कई ग्रेनेड हमलों में से एक था। इस मामले में एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि विदेश में बैठे हैंडलर्स इन ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने के लिए भारत में कई लोगों की भर्ती कर रहे थे और उन्हें फंड दे रहे थे।
एंटी-टेरर एजेंसी ने इस मामले में राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद पाया कि अमृतसर मंदिर पर ग्रेनेड आरोपी विशाल और गुरसिदक ने फेंका था। विशाल को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गुरसिदक अब मर चुका है।
दोनों को विस्फोटक कादियां, बटाला के शरणजीत कुमार से मिला था, जो झारखंड और बिहार भाग गया था, जहां से उसे बाद में सितंबर में एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया।
शरणजीत, जिसे विदेश में बैठे हैंडलर्स से विस्फोटक और ग्रेनेड की खेप मिली थी, उसने तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल भी छिपा रखी थी, जिसे बाद में एनआईए ने गुरदासपुर जिले की एक जगह से बरामद किया।
एजेंसी देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा पहुंचाने वाले आतंकी मॉड्यूल से निपटने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है।