राजस्थान के सरकारी स्कूलों का बदलेगा हुल्या: केंद्र ने दी 300 करोड़ की मंजूरी, CM भजनलाल ने जताया PM मोदी का आभार
राजस्थान के जर्जर स्कूल भवनों के पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए एक 'क्रांतिकारी कदम' बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है।
जयपुर : राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए होली के इस अवसर पर एक बड़ी सौगात सामने आई है। प्रदेश में लंबे समय से जर्जर और असुरक्षित हालत में पड़े स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है।
शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: 300 करोड़ का भारी-भरकम बजट
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राजस्थान के स्कूलों की सूरत बदलने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 300 करोड़ रुपये के विशेष बजट को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों का कायाकल्प करना है, जहाँ इमारतें पुरानी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री का संकल्प: 'सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा'
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:
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Follow News Tv India on WhatsApp"हमारा उद्देश्य है कि राजस्थान के प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण मिले। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मिला यह सहयोग ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाएगा।"
इस बजट से स्कूलों में क्या-क्या बदलेगा?
इस भारी-भरकम बजट के निवेश से राजस्थान के सरकारी स्कूलों में निम्नलिखित बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
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जर्जर भवनों का कायाकल्प: सालों से मरम्मत की राह देख रही पुरानी और खतरनाक इमारतों को गिराकर वहां नए, पक्के और सुरक्षित कमरों का निर्माण किया जाएगा।
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आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूलों में केवल कमरे ही नहीं, बल्कि आधुनिक शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाएगा, जिसमें बेहतर बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी।
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हादसों पर लगाम: सुरक्षित भवन होने से स्कूलों में होने वाले संभावित हादसों का डर खत्म होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों (विशेषकर बालिकाओं) की उपस्थिति में वृद्धि होगी।
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निजी स्कूलों को टक्कर: मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन सुधारों के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूल सुविधाओं के मामले में निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होंगे।
केंद्र सरकार का यह वित्तीय सहयोग राजस्थान में 'शिक्षा के अधिकार' को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा, बल्कि विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ेगा।