स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें: बच्चों से कुकर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी की संभावना
प्रयागराज की झूंसी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद पर बच्चों से कुकर्म के मामले में FIR दर्ज की। गिरफ्तारी की संभावना।
प्रयागराज : माघ मेले के दौरान विवादों में रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विशेष अदालत के आदेश पर प्रयागराज की झूंसी पुलिस ने बच्चों के साथ कुकर्म और यौन शोषण के आरोपों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद माघ मेले के दौरान शुरू हुआ था, जहाँ स्नान और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच पहले से ही तनाव चल रहा था। इसी बीच:
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आरोप: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आश्रम में रहने वाले नाबालिग शिष्यों के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया।
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कोर्ट का हस्तक्षेप: मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश विनोद चौरसिया की विशेष अदालत ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
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पुलिस की कार्रवाई और धाराओं का विवरण
झूंसी पुलिस ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है और हरदोई जाकर पीड़ित नाबालिग लड़कों के बयान दर्ज किए हैं।
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दर्ज धाराएं: आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पीड़ितों के बयान: पुलिस के अनुसार, नाबालिगों ने पूछताछ के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है।
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मेडिकल परीक्षण: पुलिस अब पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराने की तैयारी कर रही है, जो कानूनी प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में महत्वपूर्ण होगा।
गिरफ्तारी की लटकी तलवार
पीड़ितों के बयानों और कोर्ट के सख्त रुख के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य नामजद आरोपियों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।