इंडियन ओपन 2026: अभय सिंह और अनाहत सिंह बने चैंपियन
इंडियन ओपन 2026 के आखिरी दिन रविवार को अभय सिंह और अनाहत सिंह ने क्रमशः पुरुषों और महिलाओं के खिताब अपने नाम किए। पुरुषों के खिताब के लिए मुकाबला भारतीयों के बीच था, जिसमें दूसरी वरीयता प्राप्त अभय ने अपने ही देश के चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वीर चोत्रानी को 3-0 (11-9, 11-8, 11-4) से मात दी।
मुंबई : इंडियन ओपन 2026 के आखिरी दिन रविवार को अभय सिंह और अनाहत सिंह ने क्रमशः पुरुषों और महिलाओं के खिताब अपने नाम किए। पुरुषों के खिताब के लिए मुकाबला भारतीयों के बीच था, जिसमें दूसरी वरीयता प्राप्त अभय ने अपने ही देश के चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वीर चोत्रानी को 3-0 (11-9, 11-8, 11-4) से मात दी। वहीं, महिलाओं के फाइनल में युवा सनसनी अनाहत सिंह ने मिस्र की हाना मोअताज को 3-1 (11-5, 11-6, 9-11, 11-6) से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया।
पुरुषों के फाइनल में अभय जबरदस्त फॉर्म में थे। हालांकि, चोत्रानी ने शुरुआती दो गेम में जोरदार मुकाबला किया, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, दूसरी वरीयता प्राप्त अभय ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ा दी। पहला गेम बहुत कड़ा मुकाबला था, जिसमें हर प्वाइंट के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस उतार-चढ़ाव भरे मुकाबले में आखिरकार अभय सिंह ने बाजी मारी और पहला गेम 11-9 से जीतकर बढ़त बना ली।
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दूसरा गेम भी कुछ ऐसा ही रहा, जिसमें हर प्वाइंट पर लंबी रैलियां देखने को मिलीं। हालांकि, अभय अपने हमवतन खिलाड़ी की कड़ी चुनौती का सामना करने में सफल रहे और 11-8 से गेम जीतकर अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया।
तीसरे गेम में अभय ने अपनी आक्रामकता बढ़ाई, जिससे चोत्रानी के लिए उनके एंगल्स और जोरदार स्मैश को समझना मुश्किल हो गया। दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने यह गेम 11-4 से जीतकर मैच और खिताब अपने नाम कर लिया।
इससे पहले, भारत की टॉप सीड अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस्र की हाना मोअताज को मात देकर महिलाओं का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, दूसरी सीड वाली मिस्र की खिलाड़ी ज्यादा अनुभवी थी, लेकिन युवा अनाहत का खेल बिल्कुल ही अलग स्तर का था। टॉप सीड वाली भारतीय खिलाड़ी ने अपनी चालों और तेज क्रॉस-कोर्ट मूवमेंट का ऐसा जबरदस्त मेल दिखाया कि उनकी दूसरी सीड वाली प्रतिद्वंद्वी उनकी रफ्तार का मुकाबला करने में जूझती नजर आईं।
शुरुआती दौर में, दोनों प्रतिद्वंद्वी बराबरी पर थीं और एक-दूसरे के हर दांव का जवाब दे रही थीं। पहले गेम में लगभग हर रैली के बाद बढ़त बदलती रही, जब तक कि भारतीय खिलाड़ी ने लगातार छह प्वाइंट बनाकर 11-5 से गेम जीत लिया और बढ़त बना ली।
अनाहत ने दूसरे गेम में भी अपना दबदबा बनाए रखा और बहुत ही कम समय में 5-1 की आरामदायक बढ़त बना ली। हालांकि, हाना ने कड़ी टक्कर देने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय खिलाड़ी का मुकाबला नहीं कर पाईं, जिन्होंने दूसरा गेम 11-6 से जीतकर अपनी बढ़त दोगुनी कर ली।
पहले दो गेम में पिछड़ने के बावजूद, हाना ने तीसरे गेम में जोरदार वापसी की और 11-9 से करीबी जीत हासिल करके मुकाबले में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। मिस्र की खिलाड़ी ने अपनी कहीं ज्यादा तेज भारतीय प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करने के लिए रैलियों की रफ्तार धीमी करने की कोशिश की, और उनके शॉट्स के मुश्किल एंगल उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुए।
तीसरे गेम में मिली हार से अनाहत की लय टूटती नजर आई, जबकि हाना ने खेल की रफ्तार तेज कर दी। चौथे गेम में मिस्र की खिलाड़ी ने तेजी से 4-1 की बढ़त बना ली। हालांकि, अनाहत ने खुद को संभाला और वापसी करते हुए 5-4 से बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच प्वाइंट्स जीतकर गेम 11-6 से अपने नाम किया और खिताब जीत लिया।