'राहुल गांधी को बातें समझने में 10 साल की देरी होती है', मंत्री दिलीप जायसवाल का तंज; चनपटिया मॉडल पर भी बड़ा अपडेट
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी को 'राजनीतिक रूप से अविकसित' बताते हुए उन पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने चनपटिया स्टार्टअप जोन की समस्याओं, पाकिस्तान की साजिशों और तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा आमंत्रण पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
पटना : बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने राज्य के औद्योगिक विकास, छोटे और वस्त्र उद्योगों की स्थिति, देश की सुरक्षा और मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि बिहार के चनपटिया क्षेत्र को छोटे उद्योगों, खासकर टेक्सटाइल और हस्तशिल्प के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वहां की इकाइयों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री ने बताया कि लगातार अखबारों के माध्यम से यह जानकारी मिल रही थी कि चनपटिया में चल रही करीब 58 छोटी इकाइयां वित्तीय संकट और मार्केटिंग की दिक्कतों से जूझ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और संबंधित उद्योगों को सहयोग देने की दिशा में काम कर रही है ताकि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को मजबूती मिल सके।
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Follow News Tv India on WhatsAppराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए दिलीप जायसवाल ने पाकिस्तान पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियां लगातार जारी हैं। उनके पीछे कुछ अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों की साजिश काम कर रही है। भारत की सैन्य शक्ति और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क और सक्षम है तथा किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।
राजनीतिक माहौल पर टिप्पणी करते हुए दिलीप जायसवाल ने तेज प्रताप यादव द्वारा दही-चूड़ा कार्यक्रम के निमंत्रण पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और हिंदू धर्म हमें भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश देते हैं। राजनीति में भी स्वस्थ परंपराओं के तहत आपसी सामंजस्य बना रहना चाहिए। राजनीति को निजी दुश्मनी का रूप नहीं लेना चाहिए।
इसके साथ ही मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 57 साल की उम्र में युवा बने।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी को चीन जैसे गंभीर मुद्दों को समझने में भी करीब 20 साल लग गए। राहुल गांधी को हर बात समझने में करीब 10 साल की देरी हो जाती है और अब तक वे राजनीतिक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए हैं।