पंजाब पुलिस में 2,577 नए जवानों की भर्ती: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सौंपी सुरक्षा की जिम्मेदारी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर में 2,577 नए पुलिस जवानों को फोर्स में शामिल किया। मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 1,100 करोड़ रुपये के बजट और 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान की सफलता पर जोर दिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर के पी.ए.पी. (PAP) ग्राउंड में आयोजित एक भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान 2,577 नए पुलिस जवानों को औपचारिक रूप से पंजाब पुलिस परिवार में शामिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जिसे हर दिन ड्रोन घुसपैठ और असामाजिक तत्वों की नापाक कोशिशों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने गर्व से कहा कि पंजाब पुलिस केवल राज्य की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम कर रही है।
पुलिस का आधुनिकीकरण और 1100 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु 1,100 करोड़ रुपये के विशेष बजट का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब पंजाब पुलिस को पुराने तरीकों के बजाय वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): अपराधों की जांच और अपराधियों को पकड़ने के लिए एआई (AI) तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
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तकनीकी विशेषज्ञ: पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने 182 सब-इंस्पेक्टर और 1,547 कांस्टेबल ऐसे भर्ती किए हैं जो आईटी (IT), फॉरेंसिक और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ हैं।
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उच्च शिक्षा: भर्ती हुए नए जवानों में बड़ी संख्या में बी.टेक, एम.टेक और एलएलबी (LLB) डिग्री धारक शामिल हैं, जो पुलिसिंग को नया दृष्टिकोण देंगे।
रोजगार क्रांति: 12,000 से अधिक नियुक्तियां
मान सरकार की 'रोजगार क्रांति' के तहत पुलिस विभाग में रिकॉर्ड भर्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि मार्च 2022 से अब तक 12,010 से अधिक पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसमें शामिल हैं:
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1,062 सब-इंस्पेक्टर
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450 हेड कांस्टेबल
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10,098 कांस्टेबल
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400 सिविलियन स्टाफ
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 के लिए 3,400 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और नशे के खिलाफ युद्ध
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की दो प्रमुख उपलब्धियों पर विशेष जोर दिया:
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सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF): पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए विशेष 'सड़क सुरक्षा फोर्स' बनाई है। यह टीम महज 6 मिनट 20 सेकंड के औसत समय में दुर्घटना स्थल पर पहुंच जाती है। अब तक इस फोर्स ने 46,399 जानें बचाई हैं और सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है।
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'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान: नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 50,238 गिरफ्तारियां की गई हैं और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। सरकार न केवल सप्लाई लाइन तोड़ रही है, बल्कि नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए युवाओं के पुनर्वास पर भी काम कर रही है।
सीमा सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की ओर से होने वाली साजिशों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि कुछ ताकतें पंजाब को फिर से 'काले दौर' में धकेलना चाहती हैं। उन्होंने हाल ही में शहीद हुए पुलिस जवानों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस का मनोबल किसी भी कीमत पर कम नहीं होने दिया जाएगा।
अंत में, मुख्यमंत्री ने नए जवानों को बधाई देते हुए उनसे पूरी ईमानदारी और लगन से काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस का असली काम आम लोगों की मुश्किलों को दूर करना और उन्हें न्याय दिलाना है।
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