मकर संक्रांति पर महिलाओं को नहीं मिलेगा 'डबल' तोहफा! चुनाव आयोग ने जनवरी की एडवांस किस्त पर लगाई रोक; जानें क्या है वजह
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों के कारण 'माझी लाडकी बहिन योजना' के जनवरी महीने के लाभ पर ब्रेक लग गया है। कांग्रेस की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने सरकार को निर्देश दिया है कि केवल दिसंबर की किस्त ही दी जा सकती है। जानें क्यों 3,000 रुपए की जगह अब खातों में आएंगे केवल 1,500 रुपए।
मुंबई : महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने राज्य में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के जनवरी महीने के लाभ को एडवांस में देने पर रोक लगा दी है। यह फैसला नगर निगम चुनावों के कारण लागू आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर किया गया है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है। लगभग 1 करोड़ से अधिक लाभार्थी इससे जुड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की दो किस्तें (कुल 3,000 रुपए) लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा करने की घोषणा की थी, लेकिन इस घोषणा पर विपक्षी कांग्रेस ने आपत्ति जताई और इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया।
महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव संदेश कोंडविलकर ने राज्य चुनाव आयोग को शिकायत पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि मतदान से ठीक एक दिन पहले (15 जनवरी को 29 नगर निगमों में वोटिंग) इतनी बड़ी राशि ट्रांसफर करना महिला मतदाताओं को प्रभावित करने जैसा है और यह 'सामूहिक सरकारी रिश्वत' के समान है।
शिकायत मिलने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से रिपोर्ट तलब की और स्पष्टीकरण मांगा। मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लाडकी बहिन योजना एक सतत योजना है, जैसे संजय गांधी निराधार योजना और चुनाव घोषणा से पहले शुरू होने वाली ऐसी योजनाओं को आचार संहिता के दौरान जारी रखने की अनुमति है।
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Follow News Tv India on WhatsAppहालांकि, आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिसंबर 2025 की नियमित किस्त (1,500 रुपए) दी जा सकती है, लेकिन जनवरी 2026 की किस्त को एडवांस में जमा नहीं किया जा सकता। साथ ही, नए लाभार्थियों का चयन या कोई अतिरिक्त लाभ भी नहीं दिया जा सकता। आयोग के इस फैसले से सरकार को जनवरी की किस्त 14 जनवरी से पहले ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं मिली।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले कहा था कि यह योजना चुनावी प्रतिबंधों से मुक्त है और महिलाओं को उनका हक मिलता रहेगा। वहीं, कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह योजना के खिलाफ नहीं है, लेकिन चुनाव से पहले एडवांस पेमेंट को उचित नहीं मानती। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इसे महिला-विरोधी रवैया बताया।