महायुति की लहर में भी नहीं ढहा उद्धव का 'परभणी' किला; 19 साल बाद शिवसेना (UBT) की ऐतिहासिक वापसी, BJP-कांग्रेस पस्त

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 में परभणी ने सबको चौंका दिया है। बीजेपी और महायुति के भारी प्रचार के बावजूद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) सबसे बड़ी पार्टी बनी है। जानें कैसे सांसद संजय जाधव और राहुल पाटिल की जोड़ी ने फडणवीस के 'करिश्मे' को परभणी में रोक दिया।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 17, 2026 • 6:50 AM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
2 months ago
महायुति की लहर में भी नहीं ढहा उद्धव का 'परभणी' किला; 19 साल बाद शिवसेना (UBT) की ऐतिहासिक वापसी, BJP-कांग्रेस पस्त
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 में परभणी ने सबको चौंका दिया है। बीजेपी और महायुति के भारी प्रचार के बावजूद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) सबसे बड़ी पार्टी बनी है। जानें कैसे सांसद संजय जाधव और राहुल पाटिल की जोड़ी ने फडणवीस के 'करिश्मे' को परभणी में रोक दिया।
Full Story: https://newstvindia.in/state-news/uddhav-s-parbhani-fort-did-not-collapse-even-in-the-wave-of-mahayuti-historic-return-of-shiv-sena-ubt-after-19-years-bjp-congress-down
https://newstvindia.in/state-news/uddhav-s-parbhani-fort-did-not-collapse-even-in-the-wave-of-mahayuti-historic-return-of-shiv-sena-ubt-after-19-years-bjp-congress-down
Copied
महायुति की लहर में भी नहीं ढहा उद्धव का 'परभणी' किला; 19 साल बाद शिवसेना (UBT) की ऐतिहासिक वापसी, BJP-कांग्रेस पस्त
महायुति की लहर में भी नहीं ढहा उद्धव का 'परभणी' किला; 19 साल बाद शिवसेना (UBT) की ऐतिहासिक वापसी, BJP-कांग्रेस पस्त

मुंबई : महाराष्ट्र में शुक्रवार को भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने कई नगर निगमों में शानदार जीत दर्ज की है, लेकिन पिछड़े मराठवाड़ा क्षेत्र का परभणी जिला इस रुझान से अलग एक बड़ा अपवाद बनकर सामने आया।

सत्तारूढ़ गठबंधन को बड़ा झटका देते हुए उद्धव ठाकरे की शिवसेना परभणी में भाजपा की रफ्तार रोकने में कामयाब रही। यह जीत शिवसेना (यूबीटी) के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।

पूरे महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति के पक्ष में माहौल होने के बावजूद परभणी नगर निगम (पीएमसी) में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने शानदार जीत दर्ज की है। यह पहली बार है जब उद्धव ठाकरे की पार्टी सीधे तौर पर परभणी नगर निगम की सत्ता संभालेगी। इस जीत के साथ ही एनसीपी और कांग्रेस का लगभग दो दशक पुराना वर्चस्व खत्म हो गया है।

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
नीतीश कुमार का बिहार से 'दिल्ली' का सफर तय! जानें कब देंगे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
NEW
flash_on
Jewar Airport Inauguration: प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन; पश्चिमी UP के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर
flash_on
Mahakal Bhasma Aarti: चैत्र दशमी पर बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार; मस्तक पर 'ॐ' सजाकर दिया विश्व शांति का संदेश
flash_on
Bengal Election 2026: चुनाव आयोग का सख्त निर्देश; 10 दिन में तामील हों सभी लंबित गैर-जमानती वारंट, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
flash_on
आप के चार साल, भगवंत मान दे नाल’ अभियान: मंत्रियों और विधायकों ने पंजाब के घर-घर तक पहुंचाया भगवंत मान सरकार का काम
flash_on
Health Revolution in Punjab: मान सरकार का ऐतिहासिक कदम; 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' के तहत 30 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण, ₹292 करोड़ का मुफ्त इलाज मंजूर
flash_on
Gujarat Visit: 'अब पंजाब का किसान रात में जागता नहीं, शान से दिन में करता है सिंचाई'-देवगढ़ बारिया में बोले सीएम भगवंत मान

कड़े मुकाबले में शिवसेना (यूबीटी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने महायुति के सहयोगी दलों से बेहतर प्रदर्शन किया। चुनाव परिणामों के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) को 25 सीटें मिलीं, कांग्रेस को 12, भाजपा को 12, एनसीपी (अजित पवार) को 11, जन सुराज पार्टी को 3, यशवंत सेना को 1 और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस अन्य दलों के समर्थन से मेयर पद पर दावा पेश करने की तैयारी में हैं।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

परभणी में आखिरी बार शिवसेना के पास 2007 में मेयर पद था, जब यह नगर परिषद थी। 2011 में नगर निगम बनने के बाद से यहां सत्ता एनसीपी और बाद में कांग्रेस के पास रही। 19 साल बाद शिवसेना (यूबीटी) की यह वापसी बेहद अहम मानी जा रही है।

इस जीत का श्रेय परभणी के सांसद संजय जाधव और विधायक डॉ. राहुल पाटिल के एकजुट नेतृत्व को दिया जा रहा है। जहां भाजपा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले जैसे बड़े नेताओं के साथ 200 से ज्यादा रैलियां और बैठकें कीं, वहीं ठाकरे गुट ने पूरी तरह स्थानीय नेतृत्व और जनसंपर्क पर भरोसा किया।

शिवसेना (यूबीटी) ने 48 सीटों पर चुनाव लड़ा और बाकी सीटों पर कांग्रेस के साथ ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबला’ या तालमेल रखा, जिससे महायुति विरोधी वोटों का बंटवारा नहीं हुआ।

भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की एनसीपी मिलकर भी परभणी में 25 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर सकीं। भारी प्रचार के बावजूद महायुति को यहां सफलता नहीं मिली।

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता मेघना बोर्डीकर ने कहा कि राज्य के बाकी हिस्सों में देवेंद्र फडणवीस का करिश्मा चला, लेकिन परभणी में पार्टी पीछे रह गई। हम हार के कारणों का गहराई से विश्लेषण करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सांसद संजय जाधव की स्थानीय पकड़ और ‘स्थानीय स्वाभिमान’ की भावना ने ठाकरे गुट को मजबूती दी। उद्धव ठाकरे के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली है और इससे यह साबित हुआ है कि उनकी पार्टी अब भी कुछ क्षेत्रों में भाजपा-शिंदे-अजित पवार गठबंधन को मात देने की क्षमता रखती है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

हमें फॉलो करें

Cricket Score Board

amp_stories Web Stories
local_fire_department Trending menu Menu
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications