तमिलनाडु सरकार का 'स्पेस-टेक' में बड़ा कदम: अग्निकुल कॉसमॉस को मिले ₹25 करोड़
तमिलनाडु सरकार की नई स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत अग्निकुल कॉसमॉस को मिला ₹25 करोड़ का निवेश। 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन बनाने वाली कंपनी का बढ़ेगा दायरा।
चेन्नई : भारत की अग्रणी स्पेस-टेक कंपनी अग्निकुल कॉसमॉस ने शनिवार को घोषणा की कि तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने कंपनी में 25 करोड़ रुपए का निवेश मंजूर किया है। यह निवेश टीआईडीसीओ की नई स्टार्टअप इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2025 के तहत पहला निवेश है।
यह कंपनी दुनिया के पहले सिंगल-पीस 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन और एंड-टू-एंड स्पेस ट्रांसपोर्टेशन सॉल्यूशंस विकसित कर रही है। इस निवेश से यह साफ होता है कि तमिलनाडु सरकार राज्य की डीप-टेक स्टार्टअप कंपनियों को सीधे समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में सरकार ने लगातार ऐसे नीतिगत फैसले लिए हैं, जो राज्य के उद्योग और आर्थिक विकास को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह निवेश तमिलनाडु में स्टार्टअप फाइनेंसिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा है, जिससे उभरती तकनीकी कंपनियों को उनके विकास के महत्वपूर्ण चरणों में समर्थन मिल सके।
अग्निकुल कॉसमॉस के को-फाउंडर और सीईओ स्रीनाथ रविचंद्रन ने कहा, "सरकार का डीप-टेक स्टार्टअप में निवेश सबसे बड़ा संकेत है कि सरकार देश में विकसित मूल तकनीक को पहचानती और समर्थन देती है। तमिलनाडु सरकार का धन्यवाद, जिन्होंने हमें तमिलनाडु में दुनिया के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।"
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Follow News Tv India on WhatsAppयह निवेश अग्निकुल के संचालन को तेज करेगा, उनकी एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाएगा, स्टेज रिकवरी प्रोग्राम को आगे बढ़ाएगा और सरकार द्वारा कुलासेकरपट्टनम में आवंटित 300 एकड़ में उनके इंटीग्रेटेड स्पेस कैंपस के विकास को मजबूत करेगा।
सीओओ मोइन एसपीएम ने कहा, "हमने तमिलनाडु के कई सप्लायर, वेंडर व उद्योगों के साथ साझेदारी की है और स्थानीय समुदाय में तकनीकी विकास में योगदान दिया है। राज्य सरकार से यह निवेश हमें और अधिक प्रोत्साहित करता है कि हम स्थानीय समुदाय को लाभ पहुंचाएं।"
अग्निकुल कॉसमॉस ने अब तक प्राइवेट स्पेस टेक्नोलॉजी में कई मील के पत्थर तय किए हैं, जिसमें भारत का पहला कंट्रोल्ड-एसेन्ट प्राइवेट लॉन्च पूरा किया। अपनी पेटेंटेड तकनीक के लिए अमेरिका, यूरोप और भारत में पेटेंट हासिल किए। छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने वाले अपने लॉन्च व्हीकल अग्निबाण का पहला ऑर्बिटल लॉन्च करने की तैयारी है।
भारत का पहला एआई-पावर्ड ऑर्बिटल डेटा सेंटर लॉन्च करने की योजना, जहां रॉकेट स्टेज को ऑर्बिटल प्लेटफॉर्म में बदलकर अंतरिक्ष इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जाएगी।