Earthquake in Palghar: महाराष्ट्र के पालघर में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग; जम्मू-कश्मीर में भी हिली धरती
महाराष्ट्र के पालघर में शनिवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 दर्ज की गई। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र ताजिकिस्तान में था। जानें दोनों राज्यों में सुरक्षा और नुकसान की स्थिति।
पालघर : महाराष्ट्र के पालघर में शनिवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 आंकी गई है। राहत की बात यह है कि इस दौरान किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं मिली है। हालांकि भूकंप की वजह से लोगों में दहशत का माहौल है। भूकंप के झटके लगते ही लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकलकर भागे और काफी समय तक अंदर आने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का समय शाम 7 बजकर 10 मिनट नोट किया गया। जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र 5 किमी गहराई में बताया गया है।
इससे पहले शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 आंकी गई और इसका केंद्र ताजिकिस्तान में था।
स्थानीय मौसम विभाग के डायरेक्टर मुख्तार अहमद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि गुरुवार की मध्य रात्रि 2.44 बजे रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में था और यह धरती की सतह से 110 किलोमीटर अंदर आया। इसके कोऑर्डिनेट्स 38.26 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 73.42 डिग्री पूर्वी देशांतर थे।
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Follow News Tv India on WhatsAppजम्मू-कश्मीर में भी झटके महसूस किए गए, हालांकि अभी तक कहीं से भी किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
कश्मीर के गांदरबल जिले के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों ने बताया कि रसोई के बर्तनों की खड़खड़ाहट से उनकी नींद खुली, तब उन्हें पता चला कि भूकंप आया है।
कश्मीर भूकंप के लिहाज से भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है। पहले भी यहां भूकंप ने तबाही मचाई है।
8 अक्टूबर 2005 को सुबह 8.50 बजे रिक्टर स्केल पर 7.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद शहर से 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था।
कश्मीर का इतिहास भूकंपों से हुई तबाही से भरा पड़ा है। कश्मीर घाटी में 1555 में 7.6 तीव्रता का भूकंप, 1669 में 7 तीव्रता का, 1779 में 7.5 तीव्रता का, और 1885 में 7.5 तीव्रता का भूकंप शामिल हैं, जिनके विनाशकारी प्रभाव हुए थे।