श्रीनगर में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा: फरवरी में ही 'मई' जैसी गर्मी, 21 डिग्री पहुंचा पारा
श्रीनगर में शनिवार को फरवरी महीने का रिकॉर्ड तोड़ 21°C तापमान दर्ज किया गया। चिल्लई कलां में कम बर्फबारी और बढ़ती गर्मी से कृषि और पेयजल पर संकट के बादल।
श्रीनगर : श्रीनगर में शनिवार को फरवरी महीने का अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इस दिन पारा 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, यह फरवरी के दौरान शहर में अब तक का सर्वोच्च अधिकतम तापमान है। इससे पहले 24 फरवरी 2016 को 20.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
शनिवार को दर्ज तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री अधिक रहा, जो मौसमी औसत से काफी अलग है। कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में भी अपेक्षाकृत ऊंचा तापमान दर्ज किया गया। गुलमर्ग में अधिकतम 11.5 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में 17.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
जम्मू क्षेत्र में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। जम्मू शहर में अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है। कटरा में 25 डिग्री, बटोटे में 19.9 डिग्री, बनिहाल में 19.8 डिग्री और भदरवाह में 21.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
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Follow News Tv India on WhatsAppजम्मू-कश्मीर में मौजूदा शीत ऋतु के दौरान औसत से कम वर्षा और हिमपात हुआ है। फरवरी में सामान्य से अधिक तापमान ने किसानों, कृषि विशेषज्ञों और बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सर्दियों में कम वर्षा होने से गर्मियों में पेयजल संकट और सिंचाई जल की कमी की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि ‘चिल्लई कलां’ के नाम से जानी जाने वाली 40 दिनों की कड़ाके की सर्दी (जो हर वर्ष 21 दिसंबर से 30 जनवरी तक रहती है) के दौरान इस बार अपेक्षित बर्फबारी नहीं हुई। सामान्य तौर पर इस अवधि में भारी हिमपात ग्लेशियरों और पर्वतीय जल स्रोतों को भरता है, जिससे गर्मियों में जल आपूर्ति बनी रहती है। हालांकि, इस बार बर्फबारी सीमित रही और अधिकतर अवधि के अंत में हुई, जिससे जल उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
फरवरी में तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण आने वाले दिनों में भारी बर्फबारी की संभावना कम मानी जा रही है। ऐसे में मार्च को अब एक महत्वपूर्ण अवधि के रूप में देखा जा रहा है, जब संभावित हिमपात से ग्रीष्म ऋतु से पहले पर्वतीय जल भंडारों को फिर से भरने में मदद मिल सकती है।