गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ में माओवाद के अंत का संकल्प, सीएम विष्णु देव साय ने बिलासपुर में दी सुरक्षा और विकास की गारंटी
छत्तीसगढ़ में 77वां गणतंत्र दिवस शौर्य और संकल्प के साथ मनाया गया। बिलासपुर के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की सुरक्षा और शांति को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की, जिसने राज्य के भविष्य के प्रति एक नई उम्मीद जगाई है।
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम और जोश के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सुरक्षा की उपलब्धियों पर जोर दिया।
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लगातार चल रही ऑपरेशनों और पुनर्वास कार्यक्रमों के जरिए माओवाद को काफी हद तक खत्म कर राज्य की गरिमा वापस हासिल कर ली है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह माओवाद मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के चेहरों पर दिख रही खुशी एक मजबूत संदेश है, जो यह बताती है कि राज्य अब शांति और समावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ समाज 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम करता है, ताकि विकास हर वर्ग तक पहुंचे, खासकर उन दूरदराज और आदिवासी इलाकों में जो लंबे समय से असुरक्षा से जूझ रहे थे।
हाल ही में हुई नक्सल विरोधी कार्रवाइयों की सफलता से सामान्य जीवन फिर से लौट आया है। अब पहले प्रतिबंधित क्षेत्रों के लोग खुले तौर पर राष्ट्रीय उत्सवों में भाग ले रहे हैं।
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Follow News Tv India on WhatsAppबिलासपुर में सीएम साय ने लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भ्रातृत्व का पाठ पढ़ाता है।
सीएम ने राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने पर प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि शासन और विकास के मामले में छत्तीसगढ़ ने लंबा सफर तय किया है। उन्होंने 'वंदे मातरम' को बढ़ावा देने की भी बात की, जो हाल ही में विधानसभा में हुई चर्चा का हिस्सा थी और जो राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।
उन्होंने आदिवासी नेता धरती अब बिरसा मुंडा की 125वीं जयंती को भी याद किया। उनका योगदान आज भी आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में प्रेरणा देता है।
रायपुर में लोक भवन में राज्यपाल रामेन डेका ने ध्वजारोहण किया। 32 जिलों में भी अलग-अलग जगहों पर मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि बनकर समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के जरिए देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया गया।