'मनरेगा बचाओ संग्राम' के लिए कांग्रेस का महा-प्लान; 20 जनवरी को रायबरेली में 'चौपाल' लगाएंगे राहुल गांधी
केसी वेणुगोपाल ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की समीक्षा बैठक की। कांग्रेस अब पंचायत और वार्ड स्तर पर धरना देगी। राहुल गांधी 20 जनवरी को रायबरेली में मनरेगा वर्करों से सीधा संवाद करेंगे और नए एक्ट के खिलाफ हुंकार भरेंगे।
नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि रविवार को ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ को लेकर समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान इस संग्राम को पंचायत स्तर पर बढ़ाने की कोशिश पर जोर देने का फैसला लिया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केसी वेणुगोपाल ने बताया कि हमने देश भर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की प्रगति का रिव्यू करने के लिए पीसीसी अध्यक्ष, जनरल सेक्रेटरी/इंचार्ज और मनरेगा कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के साथ एक पूरी ऑनलाइन समीक्षा बैठक की।
उन्होंने बताया कि रिव्यू में कई राज्यों में हमारे आंदोलन की बढ़ती पहुंच और सफलता पर जोर दिया गया। बैठक में हमने मिलकर पंचायत स्तर पर आउटरीच को तेज करने का फैसला किया, जिसमें आम जनता, मनरेगा वर्कर और दूसरे हितधारक सीधे शामिल होंगे। इसके बाद वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरने होंगे और फिर विधानसभा/लोकभवन घेराव तथा जोनल रैलियां होंगी।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को और मजबूत करते हुए, 20 जनवरी को राहुल गांधी रायबरेली में एक मनरेगा चौपाल में शामिल होंगे, ताकि ग्रामीण वर्करों के अधिकारों और सम्मान के प्रति हमारे संकल्प को मजबूत किया जा सके।
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Follow News Tv India on WhatsAppकेसी वेणुगोपाल ने एक्स पर यह भी लिखा कि मनरेगा बचाओ संग्राम, जनविरोधी ‘वीबी-जी राम जी’ एक्ट के खिलाफ विरोध की एक रोशनी बनकर उभरा है और मनरेगा को बचाने के लिए एक मजबूत लड़ाई है। यह आंदोलन देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है और मजदूरों तथा पंचायतों में उत्साह भर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारा इरादा पक्का है, हमारा आंदोलन बढ़ रहा है और हमारा विरोध तब तक नई ताकत के साथ जारी रहेगा, जब तक मनरेगा पूरी तरह से अपने असली रूप में वापस नहीं आ जाता।
बता दें कि सरकार ने मनरेगा के नियमों में कुछ बदलाव किए और इसका नाम ‘वीबी जी राम जी’ रख दिया। सरकार का कहना है कि इसमें सकारात्मक बदलाव किए गए हैं, लेकिन कांग्रेस समेत कई दलों ने इसका विरोध किया है और नाम बदलने की आलोचना की है।