परगट सिंह की 'साले' वाली भाषा पर भड़के दीपक बाली, स्वीकार की डिबेट की चुनौती; बोले- '72 घंटे नहीं, अभी आ जाओ मैदान में'
जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह और 'आप' महासचिव दीपक बाली के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 'आप' नेताओं के लिए अभद्र शब्द इस्तेमाल करने पर दीपक बाली ने परगट सिंह को आड़े हाथों लिया और किसी भी मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती स्वीकार की। जानें क्या है पूरा विवाद और दीपक बाली की रखी शर्त।
आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव और पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह द्वारा ‘आप’ के कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के लिए ‘साले’ शब्द के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई है। साथ ही उन्होंने परगट सिंह की डिबेट चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि वे पंजाब के किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।
दीपक बाली ने बताया कि आज सुबह उन्होंने दो-तीन बार एक वीडियो देखी जिसमें जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह, ‘आप’ पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों, जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को ‘साले’ शब्द कहकर संबोधित कर रहे थे, जो प्रदर्शन करने आए थे।
दीपक बाली ने कहा कि लाख लानत है ऐसे व्यक्ति पर। मुझे पहले से पता था कि परगट सिंह की सारी भाषा बनावटी होती है और जब उन्होंने असलियत में ‘साले’ शब्द का प्रयोग किया तो मेरा यकीन और पक्का हो गया कि इनकी सारी बातचीत नाटकबाजी वाली होती है।
दीपक बाली ने कहा कि परगट सिंह ने डिबेट की चुनौती दी है और मैं यह चुनौती स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा कि आप मेरे साथ पंजाब के आर्थिक, धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक किसी भी मुद्दे पर डिबेट कर लो, जब मर्जी कर लो और जिस मर्जी चैनल पर कर लो।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
Follow News Tv India on WhatsAppदीपक बाली ने कहा कि 72 घंटे का समय दे दो, नहीं तो 24 घंटे का दे दो, या फिर तुरंत चैनल वाले आयोजन करें और वहां पर्ची निकालें कि किस विषय पर डिबेट करनी है, मैं तैयार हूं।
दीपक बाली ने कहा कि हम पंजाब को जी रहे हैं और पंजाब के सरोकारों से जुड़े हैं। पंजाब हमारे दिलों में बसता है और हमारे स्वभाव में बसता है। पंजाबी जन-जीवन हमने जिया है और पंजाब के इतिहास को जानते हैं। उन्होंने कहा कि आपकी तरह हम बनावटी भाषा और नाटकबाजी वाले शब्दों से नहीं बोलते।
दीपक बाली ने कहा कि मैं आपकी चुनौती स्वीकार करता हूं लेकिन मेरी एक ही शर्त है कि चैनल की डिबेट में भाषा सभ्य होनी चाहिए और असभ्य भाषा मैं बर्दाशत नहीं करूंगा।