बंगाल में 3,600 करोड़ से बदल रही 101 स्टेशनों की सूरत; न्यू जलपाईगुड़ी बनेगा पूर्वोत्तर का सबसे आधुनिक 'प्रवेश द्वार'
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। 101 स्टेशनों के पुनर्विकास से लेकर न्यू जलपाईगुड़ी के ₹335 करोड़ के मेकओवर तक, जानें कैसे रेलवे बन रहा है विकास का नया स्तंभ।
गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा है। रेलवे परियोजनाओं के जरिए न सिर्फ कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है, बल्कि आर्थिक विकास को भी नई गति मिली है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि बीते एक दशक में पश्चिम बंगाल के रेलवे परिदृश्य में स्पष्ट और निर्णायक बदलाव देखने को मिला है। कभी भौगोलिक सीमाओं, जर्जर ढांचे और असमान पहुंच से जूझने वाले ये क्षेत्र अब एकीकृत और भविष्य के अनुरूप रेलवे प्रणाली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
Follow News Tv India on WhatsAppउन्होंने कहा कि इस परिवर्तन के केंद्र में अमृत भारत स्टेशन योजना है, जो दुनिया की सबसे बड़ी रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना है और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में एक नए युग का संकेत देती है। यह योजना केवल स्टेशनों के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को जनता की जरूरतों के अनुरूप नए सिरे से परिभाषित करने की एक दूरदर्शी पहल है।
देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है। शर्मा के अनुसार, यह योजना ऐसी नेतृत्व सोच को दर्शाती है जो केवल इरादों पर नहीं, बल्कि ठोस परिणामों और गति पर केंद्रित है।
इन पुनर्विकास कार्यों में सिर्फ बाहरी सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि आधुनिक यात्री सुविधाएं, दिव्यांगजनों के अनुकूल ढांचा, बेहतर यात्री आवागमन व्यवस्था, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्थानीय विरासत से प्रेरित वास्तुकला शामिल है। इससे स्टेशन आधुनिक, सुलभ और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े विकास द्वार बन रहे हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना को एक व्यापक और भविष्य के लिए तैयार पहल के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों को केंद्र में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना है। स्टेशनों को जीवंत सार्वजनिक स्थान और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित कर यह योजना क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद कर रही है।
पश्चिम बंगाल यात्री-केंद्रित रेलवे आधुनिकीकरण का एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभर रहा है। सुरक्षा, सुगम्यता और आवागमन में किए गए बड़े सुधार राज्य में रेल यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल रहे हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल में 101 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिस पर करीब 3,600 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें महानगरों के बड़े स्टेशन, सीमावर्ती कस्बे और तीर्थ स्थल शामिल हैं, जिससे संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित हो रहा है।
हावड़ा, सियालदह, न्यू जलपाईगुड़ी, खड़गपुर, आसनसोल, बंदेल, मालदा टाउन, सिलीगुड़ी, अलीपुरद्वार, शालीमार और संतरागाछी जैसे प्रमुख स्टेशनों को एकीकृत आधुनिकीकरण दृष्टिकोण के तहत उन्नत किया जा रहा है।
न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन को लगभग 335 करोड़ रुपये की लागत से पूर्वोत्तर भारत के आधुनिक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नए टर्मिनल, एयर कॉनकोर्स और उन्नत यात्री सुविधाएं बनाई जा रही हैं।