मोगा में साइबर ठगी का बड़ा मामला, पूर्व बैंक कर्मचारी से 42 लाख रुपये की ठगी
पंजाब के मोगा में साइबर ठगों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर पूर्व बैंक कर्मचारी से 42 लाख रुपये ठग लिए। रकम 17 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मोगा : पंजाब के मोगा में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व बैंक कर्मचारी से 42 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर साइबर सेल गहन जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार ठगों ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया और पीड़ित को झांसा देकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
मोगा साइबर सेल पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया। उसने बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता को किसी कथित समस्या का हवाला देकर डराया और भरोसे में लेकर रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा। ठग की बातों में आकर पीड़ित ने 42 लाख रुपए 17 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद जब शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तुरंत मोगा पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पूरी रकम योजनाबद्ध तरीके से कई खातों में भेजी गई है ताकि पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।
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Follow News Tv India on WhatsAppकुछ दिन पहले पंजाब पुलिस के एक पूर्व अधिकारी भी इसी तरह की साइबर ठगी का शिकार हुए थे। उस घटना के बाद उन्होंने खुद को गोली मार ली थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
मोगा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी को भी अपना बैंक अकाउंट नंबर, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।