Punjab Cabinet Decisions: पंजाब में अब घर बैठे मिलेगी यूनिवर्सिटी की डिग्री, मान कैबिनेट ने दी देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब कैबिनेट ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अब छात्र मोबाइल और लैपटॉप पर वैध डिग्री हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही लहरागागा में नए मेडिकल कॉलेज, गमाडा की संपत्तियों के दाम घटाने और एनएचएआई को सस्ती रेत देने जैसे बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 9, 2026 • 4:58 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
3 months ago
Punjab Cabinet Decisions: पंजाब में अब घर बैठे मिलेगी यूनिवर्सिटी की डिग्री, मान कैबिनेट ने दी देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब कैबिनेट ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अब छात्र मोबाइल और लैपटॉप पर वैध डिग्री हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही लहरागागा में नए मेडिकल कॉलेज, गमाडा की संपत्तियों के दाम घटाने और एनएचएआई को सस्ती रेत देने जैसे बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।
Full Story: https://newstvindia.in/mann-cabinet-approves-country-s-first-digital-university-policy-in-punjab
https://newstvindia.in/mann-cabinet-approves-country-s-first-digital-university-policy-in-punjab
Copied
Punjab Cabinet Decisions: पंजाब में अब घर बैठे मिलेगी यूनिवर्सिटी की डिग्री, मान कैबिनेट ने दी देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी
Punjab Cabinet Decisions: पंजाब में अब घर बैठे मिलेगी यूनिवर्सिटी की डिग्री, मान कैबिनेट ने दी देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी नीति को मंजूरी
Advertisement
Advertisement

जन स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने, उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण और नागरिकों को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने के लिए 19 एकड़ से अधिक भूमि देने की मंजूरी दे दी तथा कई अन्य बड़े फैसलों को स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों में भारत की पहली व्यापक प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026, प्लॉट अलॉटियों के लिए एमनेस्टी नीति-2025 में विस्तार, गमाडा की संपत्ति कीमतों को तर्कसंगत बनाना और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए सतलुज दरिया से रेत निकालने की मंजूरी के साथ-साथ बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट के स्टाफ को सरकारी विभागों में भेजने की स्वीकृति शामिल है, जो स्वास्थ्य देखभाल के विस्तार, शिक्षा सुधार, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और जनहितैषी शासन पर सरकार के प्रयासों को दर्शाते हैं।

– लहरागागा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने जैन समुदाय द्वारा अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज (माइनोरिटी मेडिकल कॉलेज) स्थापित करने के लिए बाबा हीरा सिंह भट्ठल टेक्निकल कॉलेज, लहरागागा में स्थित 19 एकड़ 4 कनाल भूमि को नाममात्र लीज दरों पर जैन सोसाइटी को देने का फैसला किया है। जैन समुदाय द्वारा स्थापित किए जाने वाले इस मेडिकल कॉलेज में छात्रों का दाखिला और सीटों का बंटवारा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों/अधिसूचनाओं की शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा। सभी श्रेणियों की सीटों के लिए फीस संरचना राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों/अधिसूचनाओं के अनुसार ही ली जाएगी।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
पंजाब भर में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ ने पांव पसारे; अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 109 आम आदमी क्लीनिक लोगों को किए समर्पित
NEW
flash_on
मान सरकार की हेल्पलाइन पर जनता का भरोसा; अब तक 63 गंभीर मामलों में FIR, गैंगस्टरों के नेटवर्क पर प्रहार
flash_on
अमृतसर में बनेगा पंजाब का पहला 'ट्राइडेंट' होटल; ओबेरॉय ग्रुप और स्प्रिंगएज के बीच 400 करोड़ का समझौता
flash_on
आप के चार साल, भगवंत मान दे नाल’ अभियान: मंत्रियों और विधायकों ने पंजाब के घर-घर तक पहुंचाया भगवंत मान सरकार का काम
flash_on
Health Revolution in Punjab: मान सरकार का ऐतिहासिक कदम; 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' के तहत 30 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण, ₹292 करोड़ का मुफ्त इलाज मंजूर
flash_on
Gujarat Visit: 'अब पंजाब का किसान रात में जागता नहीं, शान से दिन में करता है सिंचाई'-देवगढ़ बारिया में बोले सीएम भगवंत मान
flash_on
Punjab: '70 सालों में जो नहीं हुआ, वो 4 वर्षों में मान सरकार ने कर दिखाया'- कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा

मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि ट्रस्ट को समझौता पत्र (एमओयू) के लागू/शुरू होने की तिथि से पांच वर्षों के अंदर-अंदर अस्पताल का कार्य जल्द से जल्द शुरू करना होगा। मेडिकल कॉलेज की स्थापना और संचालन कम से कम 220 बिस्तरों वाले अस्पताल और 50 एमबीबीएस सीटों की दाखिला क्षमता के साथ किया जाएगा तथा इस एमओयू के आठ वर्षों के अंदर 100 एमबीबीएस सीटों की दाखिला क्षमता के साथ कम से कम 400 बिस्तरों वाले अस्पताल का विस्तार किया जाना चाहिए। इस कदम का उद्देश्य एक ओर राज्य के निवासियों को मानक शिक्षा प्रदान करना है और दूसरी ओर पंजाब को मेडिकल शिक्षा के केंद्र के रूप में उभारना है।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

– पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ नीति, 2026 को मंजूरी
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ नीति, 2026 को भी मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) कार्यक्रमों की पेशकश करने वाली प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज़ को नियंत्रित और प्रोत्साहित करना है, ताकि राज्य के छात्रों को उच्च-मानक उच्च शिक्षा प्रदान की जा सके और उनके लिए रोजगार के अधिकतम अवसर खुल सकें। यह नीति यूजीसी नियमों, 2020 के अनुसार गुणवत्ता, पहुंच, डिजिटल बुनियादी ढांचा, डेटा गवर्नेंस और छात्रों की सुरक्षा के लिए राज्य-स्तरीय मानदंड प्रस्तुत करती है। यह नीति उच्च शिक्षा का विस्तार कर इसे अधिक पहुंचयोग्य और किफायती बनाएगी तथा पंजाब को एक डिजिटल शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

उच्च शिक्षा क्षेत्र में देश भर में अपनी तरह के इस पहले ऐतिहासिक सुधार के माध्यम से पंजाब सरकार ने एक नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति प्रस्तुत की है। इस नीति के तहत निजी संस्थाएं पंजाब में पूरी तरह डिजिटल यूनिवर्सिटयां स्थापित कर सकती हैं। यह भारत की पहली ऐसी नीति है और अब तक केवल त्रिपुरा ने, किसी व्यापक नीति के बिना, एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की है। इसलिए पंजाब इस क्षेत्र में नीति और मॉडल प्रस्तुत करने वाला पहला राज्य बन गया है।

Advertisement
Advertisement

यह नीति समय की आवश्यकता थी क्योंकि विश्व भर में करोड़ों छात्र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शिक्षा ले रहे हैं। इसी तरह लाखों छात्र मुफ्त ऑनलाइन लेक्चर्स देखकर जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर रहे हैं। भारत में भी करोड़ों युवा ऑनलाइन कोर्स और एआई ऐप्स से पढ़-लिखकर अपना करियर बना रहे हैं। पहले लागू यूनिवर्सिटी नीति केवल फिजिकल कैंपस की ही अनुमति देती थी।

इसका मतलब था कि डिजिटल यूनिवर्सिटीयां भारत में कानूनी रूप से संभव नहीं थीं, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों ने कॉलेजों से केवल औपचारिक रूप से डिग्रियां प्राप्त कीं लेकिन वास्तविक कौशल प्रशिक्षण ऑनलाइन हासिल किया, जिससे एक बड़ा अंतर पैदा हो गया और नई नीति इसी अंतर को भरती है। अब छात्र अपनी पूरी डिग्री घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप पर पूरी कर सकते हैं और ये डिग्रियां कानूनी रूप से वैध तथा एआईसीटीई/यूजीसी मानकों के अनुरूप होंगी। यह कदम जीवन, परिवार या नौकरियों में व्यस्त छात्रों या पेशेवरों के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि वे नौकरियां छोड़े बिना, शहर बदलें बिना और यहां तक कि क्लासरूम में जाए बिना ही डिग्रियां प्राप्त कर सकेंगे।

इस तरह एक नए युग की शुरुआत होगी, जिसमें हर व्यक्ति जीवन भर कभी भी कुछ भी सीख सकेगा और अपने हुनर को निखार सकेगा, जो आईटी, एआई, व्यापार, स्वास्थ्य देखभाल, निर्माण और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में निरंतर सीखते रहने के संस्कृति को मजबूती देगा। इन डिजिटल यूनिवर्सिटियों की स्थापना के लिए कम से कम 2.5 एकड़ जमीन, डिजिटल कंटेंट स्टूडियोज, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और संचालन केंद्र, अति-आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा और अन्य चीजों की जरूरत होगी। इसी तरह हरेक डिजिटल यूनिवर्सिटी में डिजिटल कंटेंट क्रिएशन स्टूडियोज, आईटी सर्वर रूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) संचालन केंद्र, डिजिटल परीक्षा कंट्रोल रूम, तकनीक-आधारित कॉल सेंटर, 24×7 विद्यार्थी सहायता प्रणालियां और कम से कम 20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड होना जरूरी है। यह यकीनी बनाएगा कि इसके लिए सिर्फ गंभीर और सक्षम संस्थाएं ही आगे आएं। यह भी कहा गया कि हरेक मान्यता प्राप्त प्रस्ताव के लिए पंजाब विधान सभा में अलग बिल पेश किए जाएंगे, जो यह यकीनी बनाएंगे कि हरेक डिजिटल यूनिवर्सिटी कानूनी तौर पर मजबूत और पारदर्शी हो।

यह नीति दुनिया की सफल डिजिटल यूनिवर्सिटियों जैसे कि वेस्टर्न गवर्नर्स यूनिवर्सिटी (यूएसए), यूनिवर्सिटी ऑफ फीनिक्स (यूएसए), वाल्डन यूनिवर्सिटी (यूएसए), ओपन यूनिवर्सिटी मलेशिया और अन्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जिन्होंने अब तक लाखों विद्यार्थियों को किफायती, आधुनिक और उच्च-मानक वाली शिक्षा प्रदान की है। पंजाब अब देश का सबसे आधुनिक उच्च शिक्षा इकोसिस्टम स्थापित कर रहा है जो सीधे तौर पर पंजाब के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाएगा क्योंकि यह शिक्षा की लागत और डिजिटल मोड बुनियादी ढांचे का खर्च घटाने के साथ-साथ कम फीस की सुविधा और अन्य छिपे खर्चों की बचत करेगा। एआई, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, व्यापारिक हुनर और रोबोटिक्स जैसे नए हुनर डिग्री प्रोग्राम का हिस्सा होंगे और यह विद्यार्थियों की सबसे बड़ी समस्या को हल करेंगे क्योंकि पहले वे एक जगह से तो डिग्रियां प्राप्त करते थे, लेकिन असल शिक्षा किसी अन्य जगहों से लेते थे। लेकिन अब ये दोनों चीजें डिजिटल यूनिवर्सिटियों के माध्यम से एक जगह पर ही उपलब्ध होंगी जिससे लाखों नौजवानों का समय और पैसा बचेगा क्योंकि कोई आने-जाने, पीजी/हॉस्टल, स्टेशनरी या आवागमन का खर्च नहीं होगा। पंजाब शिक्षा में देश की अगुवाई कर रहा है क्योंकि प्रदेश सरकार का यह मानना है कि शिक्षा को अब सिर्फ क्लासरूमों की चारदीवारी तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता।

दुनिया की हर शीर्ष यूनिवर्सिटी एआई और डिजिटल मोड की ओर बढ़ रही है और इस क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब यह ऐतिहासिक कदम उठाने वाला पहला प्रदेश बन गया है। यह नीति पंजाब को देश का पहला डिजिटल उच्च शिक्षा केंद्र बनाएगी और पंजाब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश के लिए मार्गदर्शक बनेगा। यह नीति आधुनिक, नवीन, तकनीक-आधारित, पहुंचयोग्य, रोजगार-केंद्रित, विश्व स्तर की और भविष्य-मुखी है, जो पंजाब की उच्च शिक्षा में नया अध्याय लिखेगी।

– प्लॉट अलॉटियों के लिए एमनेस्टी नीति 2025 में वृद्धि मंजूर

प्लॉट अलॉटियों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग की विभिन्न स्कीमों के तहत अलॉट/नीलाम किए प्लॉटों के लिए एमनेस्टी नीति-2025 में वृद्धि करने को भी मंजूरी दे दी है। इससे विशेष विकास प्राधिकरण के डिफॉल्ट अलॉटीज को 31 मार्च, 2026 की निर्धारित तिथि से पहले एमनेस्टी नीति-2025 के तहत एक बार फिर आवेदन करने की अनुमति मिलेगी और अलॉटी को संबंधित विशेष विकास प्राधिकरण के पास इसकी मंजूरी के तीन महीनों के अंदर जरूरी रकम जमा करने की अनुमति मिलेगी। इस नीति के तहत लाभ प्राप्त करने में रुचि रखने वाले अलॉटी को निर्धारित तिथि यानी 31 मार्च, 2026 से पहले अर्जी जमा करनी होगी।

– गमाडा की विभिन्न संपत्तियों की कीमतें घटाने के लिए हरी झंडी

एक अन्य लोक पक्षीय फैसले में कैबिनेट ने निष्पक्ष मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा पेश रिपोर्ट के आधार पर गमाडा की विभिन्न संपत्तियों की कीमतें घटाने को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने विभिन्न आवासीय, व्यापारिक प्लॉटों, संस्थागत/औद्योगिक स्थलों और अन्यों के लिए रिजर्व कीमतें निर्धारित करने से संबंधित ई-नीलामियों के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। यह फैसला किया गया है कि विकास प्राधिकरण ऐसी स्थलों की दरों का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों/आयकर विभाग द्वारा सूचीबद्ध तीन स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं को नियुक्त करेंगे।

उन स्थलों के लिए जो पिछली दो या अधिक नीलामियों में नहीं बिकीं हैं, इन मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा दिखाई गई दरों की औसत को सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद रिजर्व कीमत निर्धारित करने के लिए मानक माना जाएगा। दरों का फैसला करने के लिए कमेटी के निरीक्षण पर विचार किया गया है और यह एक कैलेंडर वर्ष के लिए मान्य होंगे। हालांकि, कैलेंडर वर्ष के अंदर जरूरत-आधारित बदलावों के लिए मंजूरी आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रभारी मंत्री के स्तर पर दी जाएगी।

– एन.एच.ए.आई. को सतलुज दरिया में से रेत निकालने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एन.एच.ए.आई.) या इसकी एजेंसियों को जल संसाधन विभाग द्वारा अलॉट की गई स्थलों पर सतलुज दरिया में रेत की निकासी तीन रुपये प्रति घन फुट (क्यूबिक फुट) के हिसाब से करने की मंजूरी दे दी है। ये वे स्थान हैं, जिनकी कीमत पर सिसवां डैम से गार निकालने का करार किया गया था। यह मंजूरी इस शर्त के साथ दी गई है कि उपरोक्त कीमत एन.एच.ए.आई. या इसके ठेकेदारों/एजेंसियों को 30 जून, 2026 तक ही उपलब्ध होगी ताकि लुधियाना से रोपड़ तक सड़क प्रोजेक्टों के निर्माण के लिए एन.एच.ए.आई. को मिट्टी प्रदान की जा सके। इस संबंध में पंजाब ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट एक्ट-2019 की धारा-63 के प्रावधानों से भी छूट दी गई।

– बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट का स्टाफ सरकारी संस्थानों में भेजने की मंजूरी

मंत्रिमंडल ने बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के स्टाफ सदस्यों को तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग और इस विभाग के अधीन आने वाली स्वायत्त संस्थाओं में उपलब्ध खाली पदों के विरुद्ध डेपुटेशन पर एडजस्ट करने को भी मंजूरी दे दी है। यह फैसला कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए बड़े जनहित में लिया गया है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications