सांबा सीमा पर जवानों और ग्रामीणों ने एक साथ मनाई लोहड़ी; ढोल की थाप पर नाचे BSF के वीर, बोले- 'लगा जैसे परिवार मिल गया'
जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ जवानों और स्थानीय लोगों ने मिलकर लोहड़ी का पावन पर्व मनाया। पारंपरिक गीतों, ढोल और बोनफायर के बीच जवानों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों ने कहा- 'जवान अपनों से दूर हैं, इसलिए हम उनके पास आए हैं।'
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसएफ जवानों के साथ मिलकर लोहड़ी का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया।
ठंडी हवाओं और सीमा की चुनौतियों के बावजूद इस क्षेत्र में लोग और सुरक्षाकर्मी एक साथ बोन फायर के इर्द-गिर्द इकट्ठा हुए। बीएसएफ के जवान ने इस अवसर पर पूरे देशवासियों को दिल से लोहड़ी की बधाई दी और शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
उन्होंने कहा कि यह त्योहार एकता, खुशी और नई शुरुआत का प्रतीक है। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक गीत गाए, ढोल की थाप पर नाचे और मूंगफली, रेवड़ी व गुड़ की आहुति दी। यह उत्सव सीमा पर तैनात जवानों और आसपास के गांवों के बीच भाईचारे की मजबूत मिसाल बना।
ऐसे आयोजन सीमा की कठिन परिस्थितियों में भी मानवीयता और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। इस मौके पर सभी ने शांति, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की।
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Follow News Tv India on WhatsAppबीएसएफ के जवानों ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हर त्योहार पर गांव के लोग आते हैं। हम लोगों को बहुत अच्छा लगता है। हम लोगों को लगता है कि जैसे हमारा परिवार आ गया है। गांव के लोग हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं। हमारी भी इच्छा रहती है कि हम लोग गांव वालों के साथ रहें।
दूसरे जवान ने कहा कि हम गांव वालों के साथ लोहड़ी मनाकर बहुत खुश हैं। हम लोगों ने पहले गांव वालों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद गांव वालों की तरफ से लाया गया प्रसाद सभी जवानों को दिया गया। सब लोग बहुत खुश हैं और सबका सहयोग भी खूब मिल रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि हम लोगों को जवानों के साथ त्योहार मनाना अच्छा लगता है। वे अपने परिवार से दूर रहकर हम लोगों की रक्षा करते हैं, इसीलिए हम लोग उनके पास आकर उनकी सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।