राज्यपाल के अभिभाषण को मायावती ने बताया 'उत्साहहीन', शिवपाल ने कहा 'झूठ का पुलिंदा'
यूपी विधानसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर मायावती, शिवपाल यादव और कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष ने इसे सरकार का प्रचार दस्तावेज बताया।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई, लेकिन अभिभाषण के दौरान और उसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अभिभाषण को जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए इसे सरकार की 'उपलब्धियों का प्रचार दस्तावेज' करार दिया।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल द्वारा विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधन की संसदीय परंपरा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परंपरा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज माननीया राज्यपाल द्वारा विधानमण्डल के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधन की संसदीय परम्परा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परम्परा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता।…
— Mayawati (@Mayawati) February 9, 2026
उन्होंने कहा कि वास्तव में पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के करोड़ों लोग सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों आदि से दुखी व त्रस्त हैं तथा उन्हें गरीबी व बेरोजगारी आदि के कारण अनेकों प्रकार की कठिन पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, किन्तु इन सबसे ज्यादा उन्हें अपने जान, माल एवं मजहब की ज्यादा चिंता सता रही है, जिसके प्रति राज्यपाल को सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहिए था, ताकि प्रदेश की जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी थोड़ा आश्वासन मिलता, संभवतः जिसके अभाव के कारण ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाज़ी होती रही तथा हंगामा भी होता रहा।
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Follow News Tv India on WhatsAppबसपा मुखिया ने कहा कि राज्यपाल के संबोधन में भाजपा की सरकार द्वारा जनहित व जनकल्याण संबंधी बड़े-बड़े दावों, आश्वासनों, घोषणाओं व वादों आदि को पूरा करने संबंधी विवरणों का अभाव भी लोगों की चिंता का कारण रहा, जिसका आगामी बजट भाषण में समायोजन करना उचित है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को बढ़ावा देने वाले राज्यपाल का अभिभाषण और कुछ नहीं बल्कि सरकार की 'झूठी तारीफों का महोत्सव बन कर रह गया है।'
भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार को बढ़ावा देता राज्यपाल का अभिभाषण और कुछ नही बल्कि सरकार की "झूठी तारीफों का महोत्सव बन कर रह गया है।" — Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) February 9, 2026
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार के झूठे दावों और हवाई वादों का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा पूरा अभिभाषण न पढ़ना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की उपलब्धियां केवल कागजों तक सीमित हैं।
उन्होंने कहा कि 55 पन्नों के अभिभाषण में कोई नई उपलब्धि नहीं है। कानून-व्यवस्था के दावे झूठे हैं, अपराध बढ़े हैं, भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ चुका है और पुलिस विभाग में लाखों पद खाली हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर किए गए दावों को लेकर उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों का प्रचार तो हुआ लेकिन न भवन पूरे हैं, न डॉक्टर, न स्टाफ और न दवाइयां। वहीं, किसानों को खाद-बीज समय पर न मिलने और कृषि नीतियों को किसान-विरोधी बताया।
विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के दलों के साथ मिलकर बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और एसआईआर को लेकर विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।