पद्मश्री एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल, हरदीप पुरी बोले- 1984 सिख नरसंहार 'सुनियोजित हत्या'
वरिष्ठ अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता पद्मश्री एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल हो गए। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख नरसंहार को 'दंगा नहीं, सुनियोजित हत्या' करार दिया।
Key Highlights
- पद्मश्री एच.एस. फूलका अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए।
- केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1984 के सिख नरसंहार को 'दंगा नहीं, सुनियोजित हत्या' करार दिया।
- फूलका ने 1984 की घटना को अपने जीवन का सबसे भयावह दिन बताया और भाजपा के समर्थन की सराहना की।
पद्मश्री एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल, हरदीप पुरी ने 1984 नरसंहार पर कही बड़ी बात
नई दिल्ली : के सिख नरसंहार के पीड़ितों के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता और जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता पद्मश्री एच.एस. फूलका आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फूलका को पार्टी की सदस्यता दिलाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी और प्रवक्ता आर.पी. सिंह भी उपस्थित थे।
हरदीप पुरी ने 1984 की घटनाओं को बताया 'सुनियोजित नरसंहार'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एच.एस. फूलका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि फूलका सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सिख समुदाय के बीच एक जाना-पहचाना नाम हैं। पुरी ने 1984 की घटनाओं को 'दंगा' कहने से इनकार करते हुए उसे एक 'सुनियोजित नरसंहार' बताया, जिसमें हजारों निर्दोष लोगों की हत्या हुई थी।
पुरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सिख समुदाय के साथ हुए इस अत्याचार के लिए कांग्रेस ने अब तक कोई उचित माफी नहीं मांगी है। उन्होंने फूलका की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी निजी स्वार्थ के सिख नरसंहार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है, साथ ही सामाजिक, मानवाधिकार और बाल अधिकार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किया है। उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।
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Follow News Tv India on WhatsAppएच.एस. फूलका ने साझा किए 1984 के भयावह अनुभव
भाजपा में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में एच.एस. फूलका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 2 नवंबर 1984 की घटना को अपने जीवन का सबसे भयावह दिन बताया। फूलका ने बताया कि उस दिन उनके घर पर हमला हुआ था और उनकी गर्भवती पत्नी ने उन्हें बचाने के लिए संघर्ष किया था, जिसमें उनके मकान मालिक के परिवार ने उनकी जान बचाई।
फूलका ने स्पष्ट किया कि 1984 की घटनाएं सुनियोजित सिख नरसंहार थीं, जिन्हें बाद में 'हिंदू-सिख संघर्ष' का रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि वास्तविकता में यह कांग्रेस और सिखों के बीच का मामला था। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने 17 नवंबर 1984 को जारी एक सूची में दिल्ली में 2700 सिखों की हत्या का उल्लेख किया था, जबकि तत्कालीन सरकार इससे कहीं कम संख्या बता रही थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा इस मुद्दे पर उनका साथ दिया है और केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री का सिख समुदाय के प्रति विशेष लगाव है। फूलका ने पंजाब के विकास के लिए भाजपा को मजबूत करने की बात कही और आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने का संकल्प लिया।