यूपी के संतकबीर नगर में धर्मांतरण का 'खेल', गृह मंत्रालय ने NGO का FCRA लाइसेंस किया रद्द; विदेशी फंडिंग पर लगी रोक

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संतकबीर नगर के 'गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी' (GEWS) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। एनजीओ पर शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर विदेशी चंदा लेकर धर्मांतरण कराने का आरोप है। ईडी की जांच में वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई थीं।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 21, 2026 • 2:48 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
2 months ago
यूपी के संतकबीर नगर में धर्मांतरण का 'खेल', गृह मंत्रालय ने NGO का FCRA लाइसेंस किया रद्द; विदेशी फंडिंग पर लगी रोक
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संतकबीर नगर के 'गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी' (GEWS) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया है। एनजीओ पर शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर विदेशी चंदा लेकर धर्मांतरण कराने का आरोप है। ईडी की जांच में वित्तीय अनियमितताएं भी पाई गई थीं।
Full Story: https://newstvindia.in/conversion-game-in-sant-kabir-nagar-up-mha-cancels-fcra-licence-of-ngo-foreign-funding-banned
https://newstvindia.in/conversion-game-in-sant-kabir-nagar-up-mha-cancels-fcra-licence-of-ngo-foreign-funding-banned
Copied
यूपी के संतकबीर नगर में धर्मांतरण का 'खेल', गृह मंत्रालय ने NGO का FCRA लाइसेंस किया रद्द; विदेशी फंडिंग पर लगी रोक
यूपी के संतकबीर नगर में धर्मांतरण का 'खेल', गृह मंत्रालय ने NGO का FCRA लाइसेंस किया रद्द; विदेशी फंडिंग पर लगी रोक
Advertisement
Advertisement

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों में फंसे एक एनजीओ पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है। सूत्रों के अनुसार, संतकबीर नगर जिले से संचालित गाइडेंस एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी (जीईडब्ल्यूएस) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

यह संस्था शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर विदेशी चंदा प्राप्त करती थी, लेकिन जांच में इसे धर्मांतरण को बढ़ावा देने का दोषी पाया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जीईडब्ल्यूएस को नोटिस जारी किया है कि जब तक संगठन वैध दस्तावेज और स्पष्टीकरण नहीं देता, तब तक उसका एफसीआरए पंजीकरण रद्द रहेगा।

अब संस्था विदेशी फंड्स प्राप्त नहीं कर सकती और न ही उनका उपयोग कर सकती है। यह कार्रवाई एफसीआरए अधिनियम, 2010 के तहत की गई है, जिसमें पिछले 5 वर्षों (लगभग 2020-2025) के वित्तीय दस्तावेजों में कई उल्लंघन पाए गए। उल्लंघनों में फंड्स का गलत उपयोग, उद्देश्यों से विचलन और संदिग्ध लेनदेन शामिल हैं।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
Jewar Airport Inauguration: प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन; पश्चिमी UP के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर
NEW
flash_on
यूपी में 1 से 15 अप्रैल तक चलेगा स्कूल वाहनों का विशेष फिटनेस अभियान; अनफिट बसों पर होगी कड़ी कार्रवाई
flash_on
यूपी के सरकारी स्कूलों में 25 मार्च को मनेगा ‘नवारंभ उत्सव’, खेल-खेल में पढ़ाई शुरू करेंगे नौनिहाल
flash_on
"अमृतकाल के सारथी हैं मोदी"— ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर सीएम योगी ने पीएम के लिए लिखा भावुक पोस्ट
flash_on
नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना होगा आसान; कैबिनेट ने बाराबंकी-बहराइच नेशनल हाईवे को दी हरी झंडी
flash_on
19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का आगाज़: सहारनपुर के मां शाकुम्भरी देवी धाम में उमड़ेगी श्रद्धा, जानें इस शक्तिपीठ की अनूठी महिमा
flash_on
चित्तौड़गढ़ में गरजे योगी आदित्यनाथ: जातिवाद फैलाने वालों को दी चेतावनी, बताया 'कायर और क्रूर'

मामला 2021 से चर्चा में है, जब जीईडब्ल्यूएस पर धर्म परिवर्तन के आरोप लगे थे। आरोप था कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रमों की आड़ में गरीब और आदिवासी परिवारों को लुभाकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करवा रही थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2021 में ही संतकबीर नगर स्थित संस्था के कार्यालय पर छापेमारी की थी। छापे में कई वित्तीय गड़बड़ियां मिलीं, जिसमें फंड्स का गलत उपयोग और दस्तावेजों में छेड़छाड़ के सबूत सामने आए। ईडी ने संस्था के अध्यक्ष और अन्य कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की थी।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

इसके बाद गृह मंत्रालय ने जीईडब्ल्यूएस के एफसीआरए नवीनीकरण आवेदन की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि विदेशी चंदे का इस्तेमाल संगठन के घोषित उद्देश्यों (शिक्षा और वेलफेयर) से अलग किया गया था। एमएचए के हालिया दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई एनजीओ जबरन धर्म परिवर्तन, एंटी-डेवलपमेंट गतिविधियां या सामाजिक/धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने में शामिल पाया जाता है, तो उसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। जीईडब्ल्यूएस पर ऐसे ही आरोप सिद्ध हुए हैं।

यह कार्रवाई केंद्र सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसमें धर्मांतरण और विदेशी फंड्स के दुरुपयोग पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। पिछले वर्षों में कई एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद्द हो चुके हैं, खासकर उन पर जहां धर्म परिवर्तन या संदिग्ध गतिविधियों के आरोप थे। उत्तर प्रदेश में एंटी-कन्वर्जन लॉ लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर नजर बढ़ गई है।

Advertisement
Advertisement

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications