RBI मॉनेटरी पॉलिसी: आज आएगा ब्याज दरों पर फैसला; एक्सपर्ट्स बोले- 'दिसंबर में कटौती के बाद अब लगेगा ब्रेक'

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक का नतीजा आज (शुक्रवार) घोषित किया जाएगा। बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिसंबर 2025 में ब्याज दरों में की गई कटौती के बाद, गवर्नर शक्तिकांत दास इस बार 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रख सकते हैं।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 6, 2026 • 11:00 AM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
2 months ago
RBI मॉनेटरी पॉलिसी: आज आएगा ब्याज दरों पर फैसला; एक्सपर्ट्स बोले- 'दिसंबर में कटौती के बाद अब लगेगा ब्रेक'
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक का नतीजा आज (शुक्रवार) घोषित किया जाएगा। बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिसंबर 2025 में ब्याज दरों में की गई कटौती के बाद, गवर्नर शक्तिकांत दास इस बार 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रख सकते हैं।
Full Story: https://newstvindia.in/rbi-monetary-policy-interest-rates-to-be-decided-today-experts-say-break-will-take-place-after-december-cut
https://newstvindia.in/rbi-monetary-policy-interest-rates-to-be-decided-today-experts-say-break-will-take-place-after-december-cut
Copied
RBI मॉनेटरी पॉलिसी: आज आएगा ब्याज दरों पर फैसला; एक्सपर्ट्स बोले- 'दिसंबर में कटौती के बाद अब लगेगा ब्रेक'
RBI मॉनेटरी पॉलिसी: आज आएगा ब्याज दरों पर फैसला; एक्सपर्ट्स बोले- 'दिसंबर में कटौती के बाद अब लगेगा ब्रेक'
Advertisement
Advertisement

नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी शुक्रवार को मुख्य पॉलिसी रेट को लेकर अपना फैसला सुनाने वाली है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिसंबर 2025 में ब्याज दर घटाने के बाद फरवरी में रिजर्व बैंक फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, बैंक आगे की नीति को लेकर क्या संकेत देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

तीन दिन तक चलने वाली भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक बुधवार से शुरू हो चुकी है। डीबीएस बैंक की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव के अनुसार, मजबूत आर्थिक वृद्धि और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद वैश्विक जोखिम कम होने से रिजर्व बैंक आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए लचीली नीति अपना सकता है।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
दिल्ली के दयालपुर में दर्दनाक हादसा: बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग; जान बचाने के लिए 2 साल के बच्चे समेत 4 ने ऊपर से लगाई छलांग
NEW
flash_on
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: महाराष्ट्र में औद्योगिक क्रांति की तैयारी; बिजली दरों और लाइसेंस प्रक्रिया में भारी कटौती
flash_on
पंजाब भर में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ ने पांव पसारे; अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 109 आम आदमी क्लीनिक लोगों को किए समर्पित
flash_on
मान सरकार की हेल्पलाइन पर जनता का भरोसा; अब तक 63 गंभीर मामलों में FIR, गैंगस्टरों के नेटवर्क पर प्रहार
flash_on
Assam CM Viral Video: लखीमपुर में हिमंत बिस्वा सरमा का जबरदस्त 'क्रेज'; चुनाव प्रचार के दौरान महिला समर्थक ने अचानक किया 'Kiss'
flash_on
Bengal Elections 2026: अमित शाह ने जारी किया 35 पन्नों का 'श्वेत पत्र'; ममता सरकार के 15 साल के शासन पर दागे तीखे सवाल
flash_on
अमृतसर में बनेगा पंजाब का पहला 'ट्राइडेंट' होटल; ओबेरॉय ग्रुप और स्प्रिंगएज के बीच 400 करोड़ का समझौता

राव ने कहा, "महंगाई कम होने और रुपये पर दबाव बने रहने के बावजूद, डिपॉजिट जुटाने की चुनौतियों और पोर्टफोलियो आउटफ्लो के जोखिम को देखते हुए आगे रेट कट से बचा जा सकता है।"

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

अनुमान है कि रिजर्व बैंक नकदी प्रबंधन, बॉन्ड बाजार को स्थिर रखने और मुद्रा प्रबंधन जैसे उपायों पर ज्यादा ध्यान देगा। इस तिमाही और अप्रैल से जून 2026 के दौरान सरकारी बॉन्ड की खरीद जारी रह सकती है।

Advertisement
Advertisement

उम्मीद है कि आरबीआई डायरेक्ट लिक्विडिटी, बॉन्ड स्थिरता और करेंसी मैनेजमेंट उपायों पर निर्भर रहेगा, जिसमें इस तिमाही और अप्रैल-जून 2026 में बॉन्ड खरीदारी जारी रहेगी।

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, नीतिगत ब्याज दर में ढील के बावजूद हाल के समय में सरकारी बॉन्ड की यील्ड में लगातार तेजी देखने को मिली है। इसी वजह से रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में यथास्थिति बनाए रख सकता है।

एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "हमारा मानना ​​है कि पात्र सिक्योरिटीज का चुनाव ही ओएमओ ऑपरेशंस की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकता है, भले ही लिक्विडिटी इंजेक्शन की कुल मात्रा अपरिवर्तित रहे।" इसमें आगे कहा गया है, "इसलिए आरबीआई आगामी पॉलिसी में यथास्थिति बनाए रखेगा।"

पिछली मौद्रिक नीति के बाद सबसे बड़ा बदलाव भारत और यूरोपीय संघ के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता है। इस समझौते के बाद भारत पर लगने वाला शुल्क 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत रह गया है।

एसबीआई रिसर्च के अनुसार, अब भारत एशियाई देशों में सबसे कम शुल्क वाले देशों में शामिल हो गया है। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यात को मजबूती मिलेगी।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications