पांवटा साहिब में नववर्ष की पूर्णिमा पर सजा ऐतिहासिक कवि दरबार, देशभर के कवियों ने बांधा समां

हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में नववर्ष की पहली पूर्णिमा पर गुरु गोबिन्द सिंह महाराज की ऐतिहासिक परंपरा को निभाते हुए विशेष कवि दरबार का आयोजन किया गया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रद्धालुओं और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 4, 2026 • 12:35 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
3 months ago
पांवटा साहिब में नववर्ष की पूर्णिमा पर सजा ऐतिहासिक कवि दरबार, देशभर के कवियों ने बांधा समां
जा ऐतिहासिक कवि दरबार, देशभर के कवियों ने बांधा समां
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में नववर्ष की पहली पूर्णिमा पर गुरु गोबिन्द सिंह महाराज की ऐतिहासिक परंपरा को निभाते हुए विशेष कवि दरबार का आयोजन किया गया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रद्धालुओं और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
Full Story: https://newstvindia.in/historic-kavi-darbar-at-paonta-sahib-decorated-on-the-full-moon-of-the-new-year-poets-from-all-over-the-country-tied
https://newstvindia.in/historic-kavi-darbar-at-paonta-sahib-decorated-on-the-full-moon-of-the-new-year-poets-from-all-over-the-country-tied
Copied
पांवटा साहिब में नववर्ष की पूर्णिमा पर सजा ऐतिहासिक कवि दरबार, देशभर के कवियों ने बांधा समां
पांवटा साहिब में नववर्ष की पूर्णिमा पर सजा ऐतिहासिक कवि दरबार, देशभर के कवियों ने बांधा समां
Advertisement
Advertisement

पांवटा साहिब : हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब मेंनववर्ष की पहली पूर्णिमा के अवसर पर एक विशेष कवि दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

कवि दरबार की परंपरा की शुरुआत सिख धर्म के दसवें और अंतिम सिख गुरु गुरु गोबिन्द सिंह महाराज द्वारा 339 वर्ष पहले पांवटा साहिब में की गई थी, जो आज भी यहां बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ जारी है। शनिवार सुबह से ही विशेष कीर्तन समागम हुआ और शाम को कवि दरबार शुरू हुआ।

वरिष्ठ कवि कुलवंत सिंह चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह परंपरा गुरु गोबिन्द सिंह महाराज के समय से चली आ रही है और इसका उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सवों को मनाना नहीं, बल्कि समाज को कविता के माध्यम से प्रेरित करना भी था। इस आयोजन में विभिन्न धर्मों और समुदायों के कवियों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीता।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
यूपी पुलिस में बंपर भर्ती: योगी सरकार 81,000 से अधिक पदों पर करेगी नियुक्ति; कानून-व्यवस्था को 'हाइ-टेक' बनाने का मास्टरप्लान
NEW
flash_on
जेवर के विकास को मिलेगी नई रफ़्तार: विधायक धीरेंद्र सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात; चोला स्टेशन को 'मल्टीमॉडल हब' बनाने का प्रस्ताव
flash_on
पंजाब में 'स्वास्थ्य क्रांति': मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 35 लाख कार्ड जारी; 19,000 आशा कार्यकर्ताओं ने संभाली कमान
flash_on
पंजाब ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड: 'शानदार 4 साल' में बदली गांवों की सूरत; जाति आधारित सर्वे और बुनियादी ढांचे पर जोर
flash_on
पंजाब में औद्योगिक क्रांति: जोगिंद्रा ग्रुप करेगा ₹1,100 करोड़ का निवेश; मंडी गोबिंदगढ़ बनेगा ग्रीन ऊर्जा और स्टील का बड़ा हब
flash_on
गुजरात: आप अध्यक्ष इसुदान गढ़वी हिरासत में, पार्टी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
flash_on
बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर: नीतीश कुमार का विधान परिषद से इस्तीफा; दिल्ली कूच की तैयारी और 'हस्ताक्षर' पर विवाद

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक जगीर सिंह ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पांवटा साहिब में गुरु गोबिन्द सिंह महाराज जी ने ही कवि दरबार की परंपरा की शुरुआत की थी। पांवटा साहिब में यह एकमात्र जगह है, जहां कवि दरबार स्थापित किया गया था और यही वह स्थान है जहां गुरु साहब ने अपनी पहली जंग भी लड़ी थी। इसके अलावा उनके बड़े पुत्र बाबा अजीत सिंह जी का जन्म भी पांवटा साहिब में हुआ था।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल गुरु गोबिन्द सिंह महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए है, बल्कि यह संस्कृति और साहित्य के प्रति उनकी असीम श्रद्धा को भी दर्शाता है। कार्यक्रम में सुबह से ही भीड़ दिखने लगी थी, लेकिन शाम होते-होते बढ़ गई। किसी को कोई परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे।

जगीर सिंह ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से पहुंचे कवियों ने अपनी प्रस्तुत की रचनाएं दिखाई, जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए थे।

Advertisement
Advertisement

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications