Panchang 10 January: कल मनाई जाएगी मासिक कालाष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और काल भैरव की पूजा विधि
10 जनवरी 2026 को माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी है। इस दिन 'मासिक कालाष्टमी' का विशेष पर्व मनाया जाएगा। भगवान काल भैरव की कृपा पाने के लिए जानें कल का सटीक पंचांग, राहुकाल का समय और पूजा के शुभ मुहूर्त।
नई दिल्ली : सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग के पांच अंगों- तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का विचार अनिवार्य माना जाता है। इन्हीं के आधार पर शुभ मुहूर्त, राहुकाल समेत अन्य योगों का निर्धारण होता है, जो कार्य की सफलता और कल्याण सुनिश्चित करते हैं।
10 जनवरी को शनिवार का दिन है और माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन मासिक कालाष्टमी का पर्व भी मनाया जाता है, जो भगवान काल भैरव की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
दृक पंचांग के अनुसार, 10 जनवरी को शनिवार का दिन है और कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन मासिक कालाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 42 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 12 बजकर 43 मिनट पर और चंद्रास्त सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगा। चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। इस दिन सप्तमी तिथि सुबह 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी।
हस्त नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, फिर चित्रा नक्षत्र लग जाएगा। वहीं, अतिगण्ड शाम 4 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। करण बव सुबह 8 बजकर 23 मिनट तक, फिर बालव शाम 9 बजकर 17 मिनट तक और उसके बाद कौलव करण लगेगा।
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Follow News Tv India on WhatsAppशुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मुहूर्तों पर नजर डालें तो राहुकाल सुबह 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस समय किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही रहती है। यमगण्ड दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से 3 बजकर 5 मिनट तक होगा। गुलिक काल सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
कालाष्टमी भगवान काल भैरव के भक्तों के लिए विशेष है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन काल भैरव की पूजा से भय, रोग से मुक्ति और शत्रुओं से रक्षा मिलती है। मान्यता है कि काल भैरव के पूजन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और कष्ट, रोग-शोक दूर होते हैं। भक्त इस दिन मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और काल भैरव के मंत्रों का जाप करते हैं।
कालाष्टमी पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आता है, जो महादेव के रौद्र अवतार काल भैरव की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन काल भैरव की विधि विधान से पूजा कर उन्हें प्रिय सरसों का तेल, काला तिल चढ़ाकर मस्तक पर भस्म लगाकर शृंगार करना चाहिए। साथ ही बड़ा, मालपुआ, जलेबी आदि का भोग लगाना चाहिए।