सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी 5-10 फरवरी को भारत दौरे पर: 50 वर्ष पूरे होने पर राजकीय यात्रा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी 5-10 फरवरी 2026 को भारत का राजकीय दौरा करेंगे। पीएम मोदी के निमंत्रण पर पहली यात्रा, 50 वर्षगांठ पर विशेष महत्व। राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात, चेन्नई-मुंबई में व्यावसायिक कार्यक्रम। हिंद महासागर में मजबूत सहयोग पर फोकस।
नई दिल्ली : सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 5 से 10 फरवरी तक भारत का राजकीय दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह हर्मिनी की भारत की पहली यात्रा होगी। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है।
दौरे के दौरान राष्ट्रपति हर्मिनी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति हर्मिनी चेन्नई और मुंबई भी जाएंगे, जहां वे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और गति देने में सहायक होगी।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और भारत की ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) तथा ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में इसका विशेष स्थान है।
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Follow News Tv India on WhatsAppबयान में कहा गया कि अक्टूबर 2025 में भारत के उपराष्ट्रपति की सेशेल्स यात्रा के बाद राष्ट्रपति हर्मिनी की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग और मजबूत जन-जन के संपर्कों को और मजबूती प्रदान करेगी।
गौरतलब है कि पैट्रिक हर्मिनी को अक्टूबर 2025 में यूनिटी स्टेडियम में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में सेशेल्स के छठे राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई थी। इस समारोह में भारत की ओर से उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भाग लिया था।
सेशेल्स यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी। उन्होंने भारत सरकार और जनता की ओर से राष्ट्रपति हर्मिनी को पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाएं भी दी थीं। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र और ग्लोबल साउथ में शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा दृष्टिकोण को दोहराया था।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिलाय से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में साझा विरासत, संस्कृति और जन-जन के संपर्कों पर आधारित भारत–सेशेल्स संबंधों की बहुआयामी प्रकृति पर जोर दिया गया।
भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंध 1976 में सेशेल्स की स्वतंत्रता के बाद स्थापित हुए थे। 29 जून 1976 को सेशेल्स की स्वतंत्रता के अवसर पर भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस नीलगिरी की एक टुकड़ी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लिया था। भारत ने 1979 में विक्टोरिया में अपना मिशन स्थापित किया, जबकि 2008 में सेशेल्स ने नई दिल्ली में अपना स्थायी मिशन खोला था।