असम के डिब्रूगढ़ में नया 'रक्षा कवच'; आपात स्थिति में अब हाईवे से ही उड़ान भरेंगे लड़ाकू विमान
प्रधानमंत्री मोदी ने असम के मोरन में पूर्वोत्तर की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन किया। राफेल और सुखोई ने किया एयर शो। स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह।
नई दिल्ली : असम के मोरन बाईपास पर शनिवार को उस समय गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग फैसेलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए अकल्पनीय और गौरव का क्षण बताया।
उद्घाटन के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए एक स्थानीय निवासी ने कहा, "हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे क्षेत्र में इतना बड़ा काम होगा। आज प्रधानमंत्री ने हमारी उम्मीदों से बढ़कर काम किया है।"
दूसरे व्यक्ति ने कहा, "आज हमें गर्व है कि देश की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने यह सुविधा हमारे इलाके में बनाई है।"
तीसरे व्यक्ति ने कहा, "हमने कभी कल्पना नहीं की थी कि सड़क पर इस तरह का काम संभव है, लेकिन आज हमने इसे अपनी आंखों से देखा और हमें बेहद गर्व महसूस हो रहा है।"
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Follow News Tv India on WhatsAppसरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा डिब्रूगढ़ जिला के मोरन क्षेत्र में विकसित की गई है और यह पूरे पूर्वोत्तर भारत की पहली ऐसी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है। उद्घाटन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय वायु सेना का एयर शो भी देखा। इस दौरान राफेल, सुखोई और मिग लड़ाकू विमानों ने विशेष रूप से तैयार हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक टेक-ऑफ और लैंडिंग कर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए करीब एक लाख लोग मौके पर मौजूद रहे। ऊपरी असम क्षेत्र में स्थित यह सुविधा पूर्वोत्तर में भारत की सैन्य संरचना के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मजबूती मानी जा रही है।
मोरन ईएलएफ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपात स्थिति या परिचालन कारणों से हवाई अड्डे अनुपलब्ध होने पर यह वैकल्पिक लैंडिंग स्थल के रूप में काम कर सके। इससे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के पास त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी और राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को बड़ा बल मिलेगा।