भारत-कनाडा के बीच यूरेनियम समझौता: क्या अब देश में सस्ती होगी बिजली? जानें पूरी रिपोर्ट
पीएम मोदी और कनाडाई पीएम के बीच $2.6 अरब का यूरेनियम समझौता। भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मिलेगी मजबूती। सीईपीए (CEPA) पर भी बनी सहमति।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सरकार टैक्स सिस्टम के आधुनिकीकरण लेकर दिवालियापन सुधारों तक, हर सेक्टर में व्यापार में आसानी को मजबूत कर रही है।
इंडिया-कनाडा सीईओ फोरम में बोलते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,"वर्तमान में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इसकी वजह मजबूत घरेलू मांग, युवा आबादी, बड़ा निवेश और तेजी से बढ़ता डिजिटलीकरण है। यह हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस का परिणाम है।"
उन्होंने आगे कहा, "नीति सरलीकरण से लेकर उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहनों (पीएलआई) तक, रसद आधुनिकीकरण से लेकर कर और दिवालियापन सुधारों तक, हम हर क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी को मजबूत कर रहे हैं।"
पीएम मोदी ने दोनों देशों के सीईओ को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों की सरकारें फ्रेमवर्क बनाने का काम कर सकती हैं, लेकिन हकीकत में उसे जमीन पर उतारने का काम आपका ही है।
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Follow News Tv India on WhatsAppपीएम मोदी ने आगे कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था संयुक्त रूप से 6 ट्रिलियन डॉलर के अधिक की है। दोनों देश की असली ताकत साझा उद्देश्यों में हैं।
पीएम ने सुझाव देते हुए कहा कि क्लीन एनर्जी दोनों देशों की प्राथमिकता है। आज हमने न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया है।
भारत और कनाडा ने 2.6 अरब डॉलर की यूरेनियम डील साइन की है। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी में मील का पत्थर माना जा रहा है।
यूरेनियम समझौता भारत को अपने नागरिक न्यूक्लियर एनर्जी कार्यक्रम के लिए ईंधन की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह समझौता स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा।
उन्होंने छोटे मॉड्यूलर रिएटर्स और एडवांस न्यूक्लियर रिएटर्स जैसी नई टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई।
यूरेनियम समझौते के साथ-साथ, भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत में तेजी लाने का फैसला किया।