खरीफ फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद, शिवराज सिंह चौहान बोले– बेहतर मानसून और नीतियों का असर दिखेगा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन 2025-26 में रिकॉर्ड अनाज उत्पादन की उम्मीद जताई है। मंत्री ने कहा कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है, जिससे धान, दलहन और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इ
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन 2025-26 में रिकॉर्ड अनाज उत्पादन की उम्मीद जताई है। मंत्री ने कहा कि इस बार मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है, जिससे धान, दलहन और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की पैदावार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा, सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘विकसित कृषि अभियान’ से भी बुवाई और उत्पादन में बड़ा सुधार होगा।
2014-15 से 2024-25 तक खरीफ उत्पादन में 31.23% की वृद्धि
कृषि मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में खरीफ सीजन के दौरान भारत में 16.80 करोड़ टन अनाज का उत्पादन हुआ था। वर्ष 2014-15 के मुकाबले यह 31.23 प्रतिशत अधिक है। कृषि मंत्री ने कहा कि इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि सरकार की योजनाएं—जैसे कि सॉइल हेल्थ कार्ड, बीज वितरण और सिंचाई योजनाएं—सीधे तौर पर किसानों की उपज बढ़ा रही हैं।
कीटनाशक और खाद नियंत्रण पर सख्ती जरूरी
शिवराज सिंह चौहान ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि नकली और खराब गुणवत्ता वाले कीटनाशकों की बिक्री रोकने के लिए अब और सख्त नियमों की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर बताया कि कुछ फसल किस्मों में कीट-प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है, जिससे नई शोध और नीति निर्धारण की जरूरत बढ़ गई है।
किसानों की समस्याओं के समाधान से जुड़ेगा रिसर्च और नीति
अब तक कृषि मंत्री ने 10 राज्यों का दौरा किया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने कीटनाशकों की मिलावट, उपज मूल्य में गिरावट और बीजों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई। चौहान ने कहा कि इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रिसर्च योजना तैयार कर रही है।
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Follow News Tv India on WhatsAppदलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
मंत्री ने यह भी कहा कि दलहन और तिलहन के उत्पादन में सुधार हुआ है, लेकिन भारत को अभी भी इनके आयात पर निर्भरता कम करने के लिए लंबा रास्ता तय करना है। सरकार का लक्ष्य इन फसलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।