"बयान बदलने वाला मुख्यमंत्री पद के लायक नहीं!" सुखबीर बादल का भगवंत मान पर सीधा हमला
गुरदासपुर घटना पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बदलते बयानों को लेकर सुखबीर बादल ने साधा निशाना। कहा- शहीदों का अपमान कर रही सरकार।
पंजाब के गुरदासपुर में हुई एक दुखद घटना ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों की कड़ी निंदा की है। बादल का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार अपना बयान बदल रहे हैं, जिससे शहीद पुलिस जवानों के परिवारों को ठेस पहुँच रही है।
मुख्यमंत्री के विरोधाभासी बयान
सुखबीर बादल के अनुसार, इस घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दोनों पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। साथ ही, सरकार की ओर से उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा भी किया गया था।
लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री के सुर बदल गए। सुखबीर बादल ने बताया कि घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद भगवंत मान ने मीडिया में एक और बयान दिया। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने आपस में ही एक-दूसरे पर गोली चलाई हो। मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच कराने की बात भी कही।
शहादत पर सवाल उठाना शर्मनाक: सुखबीर बादल
सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री के इस यू-टर्न (बयान बदलने) को बेहद शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार जवानों को शहीद बता रही है और दूसरी तरफ उनके चरित्र पर सवाल खड़े कर रही है। बादल का मानना है कि यह सब केवल कानून-व्यवस्था की खराब हालत से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।
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Follow News Tv India on WhatsAppउन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय शहीदों के बलिदान का मजाक उड़ा रहे हैं। बादल ने कड़े शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति अपने ही कहे बयानों पर टिक नहीं सकता, उसे मुख्यमंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦਾ ਹਰ ਬਿਆਨ ਗੈਰ ਜਿੰਮੇਵਾਰਾਨਾ ਅਤੇ ਦੋਗਲਾਪਨ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ:
— Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) February 23, 2026
ਹੁਣ ਬੀਤੇ ਕੱਲ੍ਹ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਖ਼ੇ ਵਾਪਰੀ ਘਟਨਾ ਹੀ ਦੇਖ ਲਓ -
ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਕਹਿ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਦੋਨੋਂ ਪੁਲਿਸ ਕਰਮੀ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਧਨ ਜਿੰਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਇੱਕ ਕਰੋੜ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਮਦਦ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਕੁੱਝ ਮਿੰਟਾਂ ਬਾਅਦ ਹੀ… pic.twitter.com/EGeadmx5I1
सरकार की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए प्रश्न
अकाली दल के नेताओं का कहना है कि गुरदासपुर जैसी संवेदनशील जगह पर, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है, ऐसी घटना होना सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक है। सुखबीर बादल ने मांग की है कि सरकार को इस मामले में राजनीति करने के बजाय सच सामने लाना चाहिए और जवानों के परिवारों को सम्मान देना चाहिए।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के इस तरह के बयानों से पुलिस बल का मनोबल गिरता है। जब राज्य का मुखिया ही जवानों की शहादत को संदिग्ध बताएगा, तो आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा होगी।
गुरदासपुर की घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मुख्यमंत्री के बयानों ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। सुखबीर बादल के तीखे हमलों के बाद अब जनता की नजरें सरकार के अगले कदम और जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।