AAP का बड़ा आरोप: तरनतारन उपचुनाव में सुखबीर बादल पर ‘गुंडागर्दी’ और गैंगस्टर राजनीति का आरोप
AAP ने शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर तरनतारन उपचुनाव में डर, धमकी और गैंगस्टर नेटवर्क के ज़रिये वोट डलवाने के गंभीर आरोप लगाए। कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पूरे मामले की SIT जांच की मांग की और कहा कि पंजाब में अपराधीकरण की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी।
आम आदमी पार्टी (आप) ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तरनतारन उपचुनाव के दौरान ‘गुंडागर्दी’ करने और राजनीति का अपराधीकरण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि सुखबीर बादल ने एक गैंगस्टर की सास को टिकट देकर तरनतारन में डर और खौफ का माहौल बनाया और लोगों को धमकियां देकर वोट हासिल किए।
उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल ने एक गैंगस्टर की सास को उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि भविष्य में कोई भी गैंगस्टर फोन करके, धमकाकर, सरपंच और पार्षद बनवाकर अपने रिश्तेदार को विधायक की टिकट दिलवा सकता है।
उन्होंने खुलासा किया कि जब वे (आप) हलके में प्रचार कर रहे थे, तो लोग बुरी तरह से डरे हुए थे। भुल्लर ने कहा, “जब हम लोगों से वोट की अपील करते थे, तो लोग हमें हाथ जोड़कर कहते थे कि हमें (धमकी भरे) फोन आ रहे हैं, आप हमारी तरफ मत आइए।” लोगों को धमकियां मिलीं कि ‘अगर अकाली दल को वोट नहीं दिया तो तुम्हारे परिवार के सदस्यों को मार देंगे।’ भुल्लर ने स्पष्ट किया कि तरनतारन में अकाली दल को जो वोट मिले, वे पार्टी के समर्थन में नहीं, बल्कि लोगों द्वारा डर के माहौल में डाले गए वोट थे।
कैबिनेट मंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “मैं केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से अनुरोध करता हूं कि इस मामले पर एक ‘एसआईटी’ (SIT) बनाई जाए।” ताकि यह खुलासा हो सके कि विदेशों में बैठे या देश के अंदर मौजूद गैंगस्टरों के साथ किन-किन नेताओं के संबंध हैं और कौन उनसे फोन पर बातचीत करता है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आज ऐसी तकनीक है जिससे व्हाट्सएप कॉल, चैट या फेस-टाइम का भी पता लगाया जा सकता है। जो भी नेता (चाहे वे किसी भी पार्टी के हों) इसमें शामिल हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
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Follow News Tv India on WhatsAppभुल्लर ने आरोप लगाया कि सुखबीर बादल इसी ‘तरनतारन गैंगस्टर मॉडल’ को पूरे पंजाब में लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरपंच सोनू चीमा की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में अकाली उम्मीदवार के दामाद का नाम शामिल है। इसी तरह, सरपंच लालू घुम्मण की हत्या भी गैंगस्टरों ने सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उन्होंने गैंगस्टरों के पसंदीदा व्यक्ति का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अकाली उम्मीदवार को टिकट ही इस आधार पर दिया गया कि गैंगस्टरों ने धमकियां देकर 40 सरपंच और 8 पार्षद (एमसी) जितवाए थे, जो सभी डर के मारे (उनका) साथ दे रहे थे।
‘आप’ मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर पंजाब में गैंगस्टर पैदा हुए हैं, तो वे पुरानी अकाली-कांग्रेस सरकारों की ही देन हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार इन पुरानी सरकारों द्वारा राजनीति में बोए गए कांटों को उखाड़ने का काम कर रही है।
उन्होंने सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए कहा कि तरनतारन, जो कभी अकाली दल का पंथक किला माना जाता था, उसे सुखबीर ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को माफी देकर और बेअदबी के दोषियों पर कार्रवाई न करके खत्म कर दिया है। भुल्लर ने कहा कि जब तक सुखबीर बादल अकाली दल से किनारे नहीं हो जाते, तब तक पार्टी खड़ी नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कानून तोड़ने वालों और हत्या करने वालों के रिश्तेदारों को टिकट दिए गए, तो इससे पंजाब का माहौल खराब होगा।