नई दिल्ली: ईरानी दूतावास पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई को दी श्रद्धांजलि
जेकेपीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों ने नई दिल्ली में ईरानी राजदूत से मुलाकात की। खामेनेई के निधन पर शोक पुस्तिका में दर्ज किए संदेश।
नई दिल्ली : जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (जेकेपीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सोमवार को ईरानी दूतावास पहुंचीं। उन्होंने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। इनसे पहले जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के सांसदों ने भी पहुंचकर शोक जताया।
मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। बताया कि बडगाम के विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के साथ ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली से मुलाकात की। गमगीन माहौल और अनिश्चितता के बावजूद हम उनके स्टाफ की गर्मजोशी और शालीनता से प्रभावित हुए। यह वास्तव में ईरान के लोगों के लचीलेपन का एक शक्तिशाली प्रमाण है।
उनसे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास पहुंचकर खामेनेई की शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के एम्बेसडर डॉ. मोहम्मद फथली से मुलाकात की। सांसदों ने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और गहरा दुख जताया।
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Follow News Tv India on WhatsAppडेलीगेशन ने जम्मू और कश्मीर के लोगों, जेकेएनसी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और जम्मू- कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की तरफ से ईरान सरकार और लोगों के प्रति शोक जताया।
सांसदों ने कहा कि इस तरह के काम इंटरनेशनल कानून का साफ उल्लंघन हैं और इलाके की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
जेकेएनसी नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में हमेशा शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई।
शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि भी यहां पहुंचे थे। उन्होंने भी खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया था। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा शामिल थे। उन्होंने शोक-पुस्तिका में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईरान की सरकार और जनता के प्रति संवेदना प्रकट की थी।
कांग्रेस नेताओं ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की थी। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी थी।
भारत सरकार की ओर से 5 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर खामनेई की मौत पर दुख जताते हुए कंडोलेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए थे।