जमशेदपुर में बनेगा भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया भूमि पूजन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र का भूमि पूजन किया। 100 करोड़ की लागत से बनने वाला यह केंद्र सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 27, 2026 • 7:31 AM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
1 month ago
जमशेदपुर में बनेगा भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया भूमि पूजन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र का भूमि पूजन किया। 100 करोड़ की लागत से बनने वाला यह केंद्र सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा।
Full Story: https://newstvindia.in/grand-shri-jagannath-temple-to-be-built-in-jamshedpur-president-draupadi-murmu-performs-bhoomi-pujan
https://newstvindia.in/grand-shri-jagannath-temple-to-be-built-in-jamshedpur-president-draupadi-murmu-performs-bhoomi-pujan
Copied
जमशेदपुर में बनेगा भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया भूमि पूजन
जमशेदपुर में बनेगा भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया भूमि पूजन
Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को जमशेदपुर के कदमा (मरीन ड्राइव) में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, ''भगवान जगन्नाथ की कृपा पूरी मानवता पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से बरसती है।”

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से की और कहा कि महाप्रभु का दरबार भेदभाव से परे है। यहां जाति, वर्ग या ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं।

उन्होंने लोकप्रचलित उक्ति 'जगन्नाथ के भात, जगत पसारे हाथ' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा साझा जीवन-मूल्यों और सामूहिकता की प्रतीक है, जहां सभी एक साथ महाप्रसाद ग्रहण कर समरसता का अनुभव करते हैं। मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के समय को उन्होंने ईश्वरीय संयोग बताया।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
बंगाल चुनाव: भाजपा ने चुनाव आयोग में की ममता बनर्जी की शिकायत; "प्रशासन और पुलिस पर टीएमसी का कब्जा"
NEW
flash_on
मुंडू पहनकर मंच पर पहुंचे PM मोदी, पलक्कड़ में साधा विपक्ष पर निशाना
flash_on
6,000 पीएनजी ग्राहकों ने छोड़ा एलपीजी कनेक्शन, उपलब्धता में होगा सुधार
flash_on
माधवपुर मेला 2026: 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का प्रतीक; पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, बताया गुजरात और पूर्वोत्तर का अटूट रिश्ता
flash_on
1 अप्रैल 2026 से बदल रहे हैं ये जरूरी फाइनेंशियल नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर!
flash_on
नेपाल सरकार का ऐतिहासिक फैसला: अब नेताओं और अफसरों की संपत्तियों की होगी जांच!
flash_on
रुपये में रिकॉर्ड गिरावट: RBI का बड़ा कदम; बैंकों के लिए $100 मिलियन की 'ओपन पोजीशन' लिमिट तय

उन्होंने कहा कि जैसे रथयात्रा में प्रभु अपनी इच्छा से नंदीघोष रथ पर विराजमान होते हैं, उसी प्रकार इस शिलान्यास का भी यही उचित समय था। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र सामाजिक जागरण का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब नीलांचल के प्रभु का आशीर्वाद जमशेदपुर की धरती पर भी स्थायी रूप से स्थापित होगा।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

झारखंड की पूर्व राज्यपाल रहीं राष्ट्रपति ने जगन्नाथ संस्कृति को जनजातीय और गैर-जनजातीय परंपराओं के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बताया। सबर जनजाति के राजा विश्वावसु और ब्राह्मण विद्यापति की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने सामाजिक एकात्मता की विरासत को रेखांकित किया।

‘दारुब्रह्म’ स्वरूप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लकड़ी के देवता के रूप में भगवान जगन्नाथ प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण-सम्मत जीवनशैली का संदेश देते हैं, जो आदिवासी समाज की मूल चेतना से जुड़ा है। मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

Advertisement
Advertisement

ट्रस्ट अध्यक्ष एस.के. बेहरा के अनुसार, करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से ढाई एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में मुख्य मंदिर डेढ़ एकड़ और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र एक एकड़ में बनाया जाएगा। मंदिर की वास्तु-शैली श्री जगन्नाथ मंदिर पुरी से प्रेरित होगी। 4 वर्षों में मंदिर और दो वर्षों में आध्यात्मिक केंद्र पूरा करने का लक्ष्य है। यहां गीता, भागवत जैसे ग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से युवाओं में नैतिकता, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करने की योजना है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications