गौरव गोगोई बनाम हिमंत सरमा: SIT रिपोर्ट से खुलेगा 'पाकिस्तान कनेक्शन' का सच? 8 फरवरी पर टिकीं देश की नजरें
असम कैबिनेट का बड़ा फैसला! मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर लगाए गंभीर आरोप, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध। जानें 8 फरवरी सुबह 10:30 बजे क्या होने वाला है।
गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गोगोई के पाकिस्तान से संबंधों से जुड़े आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट 8 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सार्वजनिक की जाएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया और सरकार इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान से संबंधों से संबंधित एसआईटी रिपोर्ट निर्धारित समय पर सार्वजनिक की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हाल के हफ्तों में बार-बार गोगोई को पाकिस्तान से जोड़ने वाले आरोप लगाए हैं, जिससे असम में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक झड़पें शुरू हो गई हैं।
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Follow News Tv India on WhatsAppसरमा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता के कुछ बयान और कार्य गंभीर प्रश्न उठाते हैं, जिनकी सार्वजनिक जांच होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य सरकार जांच प्रक्रिया में कुछ भी नहीं छिपा रही है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब सरमा ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि गोगोई के राजनीतिक विचार और टिप्पणियां पाकिस्तान-केंद्रित मानसिकता को दर्शाती हैं।
गौरव गोगोई ने सभी आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित और शासन संबंधी मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है।
कांग्रेस ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबलों से पहले एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। असम सरकार ने आरोपों और संबंधित पहलुओं की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है, जिसे विभिन्न राजनीतिक हलकों से समर्थन और आलोचना दोनों मिली हैं।
भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही के हित में जांच आवश्यक है, जबकि कांग्रेस ने इसके समय और उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं।
कैबिनेट के फैसले की घोषणा करते हुए सरमा ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से लोगों को तथ्यों का स्वयं आकलन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के सामने सभी प्रासंगिक जानकारी रखने में विश्वास रखती है और दोहराया कि 8 फरवरी को रिपोर्ट जारी होने के बाद अंततः सच्चाई की ही जीत होगी।