शिवसेना (UBT) का केंद्र पर वार, सावरकर को भारत रत्न देने में देरी पर उठाए सवाल।

आनंद दुबे (Shiv Sena UBT) ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर मोहन भागवत और मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने RSS को सरकार को फटकार लगाने की नसीहत दी।

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News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 9, 2026 • 6:10 PM
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शिवसेना (UBT) का केंद्र पर वार, सावरकर को भारत रत्न देने में देरी पर उठाए सवाल।
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आनंद दुबे (Shiv Sena UBT) ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर मोहन भागवत और मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने RSS को सरकार को फटकार लगाने की नसीहत दी।
Full Story: https://newstvindia.in/shiv-sena-attacks-centre-questions-delay-in-awarding-bharat-ratna-to-savarkar
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शिवसेना (UBT) का केंद्र पर वार, सावरकर को भारत रत्न देने में देरी पर उठाए सवाल।
शिवसेना (UBT) का केंद्र पर वार, सावरकर को भारत रत्न देने में देरी पर उठाए सवाल।
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मुंबई : शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के वीर सावरकर को भारत रत्‍न दिए जाने की मांग वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। इस दौरान उन्‍होंने केंद्र सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा है। आनंद दुबे ने कहा कि भागवत ने सिर्फ सुझाव दिए हैं। उन्‍हें इस मामले में सरकार को फटकार लगानी चाहिए।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पिछले 50 वर्षों से शिवसेना वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग करती आ रही है। जब 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रवादी विचारधारा वाली सरकार सत्ता में आई, तब पार्टी को उम्मीद थी कि यह मांग पूरी होगी, लेकिन इतने लंबे समय के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस फैसला न होना निराशाजनक है।

आनंद दुबे ने कहा कि वर्ष 1995 में महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार थी, जबकि केंद्र में पार्टी को बहुत कम समय के लिए अवसर मिला। एक बार अटल बिहारी वाजपेयी के साथ केंद्र में सहयोग का मौका जरूर मिला था, लेकिन मौजूदा सरकार को लंबा समय मिलने के बावजूद वीर सावरकर को भारत रत्न नहीं दिया जाना समझ से परे है। मोहन भागवत भी यह कहते हैं कि वह उस समिति में नहीं हैं, जो भारत रत्न पर फैसला लेती है, लेकिन जब सरकार की प्रशंसा करनी होती है, तब आरएसएस से बेहतर कोई नहीं कर पाता।

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उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि जैसे हाईकोर्ट सरकार को फटकार लगाता है, वैसे ही आरएसएस को सरकार से यह सवाल पूछना चाहिए कि उसके रहते हुए वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जा रहा है। आनंद दुबे ने सावरकर के व्यक्तित्व को महान बताते हुए कहा कि उन्हें दो बार आजीवन कारावास की सजा हुई थी, जो किसी भी देश या नेता के लिए बड़ी बात होती है। ऐसे महान व्यक्तित्व को अगर भारत रत्न नहीं दिया जाएगा, तो फिर किसे दिया जाएगा, यह एक बड़ा सवाल है।

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शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मोहन भागवत इस पूरे विषय को गोलमोल तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। अगर आरएसएस वास्तव में इस मुद्दे को गंभीरता से लेती है, तो उसे सरकार को 15 दिन की चेतावनी देनी चाहिए और मांग पूरी न होने पर आंदोलन की घोषणा करनी चाहिए। आरएसएस सरकार की मालिक जैसी स्थिति में है और अगर वह कुछ ठान ले, तो उसका पूरा न होना संभव नहीं है।

उन्होंने आरएसएस के शताब्दी वर्ष को लेकर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में कई सेलिब्रिटीज की मौजूदगी पर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह कयास लगा रहे हैं कि सलमान खान जैसे अभिनेता डर के कारण कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन यह सही नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सलमान खान 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के साथ पतंग उड़ाते नजर आ चुके हैं और कई अभिनेता-अभिनेत्रियां शिवसेना के मंचों पर भी पहले से आते रहे हैं।

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आनंद दुबे ने कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे का फिल्मी कलाकारों से गहरा संबंध रहा है और इस तरह के आयोजनों में जाना एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा माना जाना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों को बहुत ज्यादा राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

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News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

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