बसपा अध्यक्ष करीमपुरी का तीखा हमला: "दफ्तरों में अंबेडकर की फोटो और बोर्ड पर जातिवाद यह सरकार का दोहरा चेहरा है"

पंजाब के नवांशहर में सरकारी बोर्ड पर 'हरिजन' शब्द लिखे जाने पर बसपा और अकाली दल ने भगवंत मान सरकार को घेरा। जानें क्या है पूरा कानूनी विवाद।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 15, 2026 • 10:48 AM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
1 month ago
बसपा अध्यक्ष करीमपुरी का तीखा हमला: "दफ्तरों में अंबेडकर की फोटो और बोर्ड पर जातिवाद यह सरकार का दोहरा चेहरा है"
तरों में अंबेडकर की फोटो और बोर्ड पर जातिवाद यह सरकार का दोहरा चेहरा है"
पंजाब के नवांशहर में सरकारी बोर्ड पर 'हरिजन' शब्द लिखे जाने पर बसपा और अकाली दल ने भगवंत मान सरकार को घेरा। जानें क्या है पूरा कानूनी विवाद।
Full Story: https://newstvindia.in/bsp-president-karimpuri-s-scathing-attack-ambedkar-s-photo-in-offices-and-casteism-on-board-is-the-government-s-double-face
https://newstvindia.in/bsp-president-karimpuri-s-scathing-attack-ambedkar-s-photo-in-offices-and-casteism-on-board-is-the-government-s-double-face
Copied
बसपा अध्यक्ष करीमपुरी का तीखा हमला: "दफ्तरों में अंबेडकर की फोटो और बोर्ड पर जातिवाद यह सरकार का दोहरा चेहरा है"
बसपा अध्यक्ष करीमपुरी का तीखा हमला: "दफ्तरों में अंबेडकर की फोटो और बोर्ड पर जातिवाद यह सरकार का दोहरा चेहरा है"
Advertisement
Advertisement

नवांशहर (ब्रह्मपुरी): नवांशहर जिले के गांव गहूंण से रक्कड़ां बेट तक बनाई गई करीब 670 मीटर लंबी सड़क के बोर्ड पर “हरिजन बस्ती” शब्द लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह सड़क मार्केट कमेटी बलाचौर द्वारा बनाई गई बताई जा रही है।

स्थानीय नेताओं का आरोप है कि बोर्ड पर “हरिजन” शब्द का प्रयोग जातिसूचक है और यह संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
पंजाब न्यूज: नंगल में CM मान ने शुरू किए ₹75 करोड़ के प्रोजेक्ट्स; बनेगा उत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज
NEW
flash_on
पंजाब: 'शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल' मुहिम तेज; हर गांव-वार्ड तक पहुंचेगी सरकार की उपलब्धियां
flash_on
मौसम अपडेट 1 अप्रैल 2026: उत्तर-पश्चिम भारत में 'आसमानी आफत' का अलर्ट; दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी
flash_on
‘आप’ सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में पंजाब के स्कूलों ने बाजी मारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण में केरल को पछाड़कर अग्रणी बना पंजाब- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
flash_on
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा विकास परियोजनाओं की सौगात, सनौर में 87 करोड़ की लागत से सड़कों के नवीनीकरण की शुरुआत
flash_on
बदल रहा है पंजाब: नशे के खिलाफ जंग में फरीदकोट बना आदर्श जिला, देखें कैसे मिली सफलता
flash_on
पंजाब भर में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ ने पांव पसारे; अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 109 आम आदमी क्लीनिक लोगों को किए समर्पित

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

Advertisement
Advertisement

सरकार पर प्रचार के आरोप

विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य सरकार सार्वजनिक कार्यों पर मुख्यमंत्री के नाम वाले बोर्ड लगाने की मुहिम चला रही है। पहले सरकारी स्कूलों में वॉशरूम रेनोवेशन के दौरान और बाद में ट्रांसफॉर्मर व सड़क मरम्मत के कामों पर भी उद्घाटन बोर्ड लगाए गए थे, जिनका विरोध हुआ था।

अब सड़क के बोर्ड पर लिखे शब्द को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

बसपा ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

Avtar Singh Karimpuri, प्रदेश अध्यक्ष, Bahujan Samaj Party ने कहा कि जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक ताकत का दुरुपयोग कर रही है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

बलाचौर क्षेत्र के बसपा नेता डॉ. राजिंदर लक्की ने भी कहा कि “हरिजन” शब्द का उपयोग आपराधिक मामला बन सकता है और वे इस मुद्दे पर कानूनी कदम उठाएंगे।

अकाली दल ने भी जताया विरोध

Shiromani Akali Dal के स्थानीय नेताओं हनी टोंसा, अशोक नानोवाल, गुरप्रीत गुज्जर और अन्य ने भी इस मामले की निंदा की। उनका कहना है कि सरकार की ओर से ऐसे शब्दों का प्रयोग सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देता है।

उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में एससी आयोग के चेयरमैन से मिलकर लिखित शिकायत देंगे।

संवैधानिक बहस का मुद्दा

विवाद के केंद्र में यह प्रश्न है कि क्या सार्वजनिक बोर्डों पर “हरिजन” जैसे शब्दों का उपयोग किया जाना चाहिए। कई सामाजिक संगठनों और दलित समूहों ने समय-समय पर इस शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई है और “दलित” या “अनुसूचित जाति” जैसे आधिकारिक शब्दों के उपयोग की वकालत की है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications