"सिनेमाई डायलॉग छोड़ जनता के बीच आएं विजय" भाजपा प्रवक्ता एएनएस प्रसाद का टीवीके चीफ पर हमला
तमिलनाडु भाजपा प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को डीएमके की मदद करने वाली ताकत बताया है। जानें क्या है सलेम रैली और करूर हादसे का पूरा विवाद।
चेन्नई : तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ डीएमके को फायदा पहुंचा रही हैं।
एक बयान में प्रसाद ने दावा किया कि विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्त्री कज़गम (टीवीके) आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एंटी-डीएमके वोटों को बांटने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने सलेम में पार्टी बैठक के दौरान विजय के उस हालिया बयान का जिक्र किया, जिसमें अभिनेता ने सवाल उठाया था कि क्या आज के दौर में कोई व्यक्ति एम. जी. रामचंद्रन या सी. एन. अन्नादुरई की तरह स्वतंत्र रूप से पार्टी बना सकता है। प्रसाद ने इन टिप्पणियों को “राजनीतिक रूप से अपरिपक्व” बताया।
भाजपा नेता ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की हालिया टिप्पणी भी दोहराई, जिसमें उन्होंने विजय को सलाह दी थी कि वे “सिनेमा-शैली की बयानबाजी” से आगे बढ़कर जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभाएं और लोगों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। प्रसाद के अनुसार, नागेंद्रन की यह टिप्पणी “सद्भावनापूर्ण सलाह” थी, लेकिन डीएमके समर्थकों और मीडिया के एक वर्ग ने इसे गलत तरीके से पेश किया।
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Follow News Tv India on WhatsAppप्रसाद ने एक पुराने हादसे का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर विजय के 41 समर्थकों की जान चली गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में लगातार विरोध प्रदर्शन या न्याय की मांग क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि विजय ने पहले डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन बाद में अपना रुख नरम कर लिया।
भाजपा ने यह भी कहा कि डीएमके के खिलाफ बढ़ती जन असंतोष की स्थिति में टीवीके का गठन ऐसे समय हुआ है, जिससे विपक्षी वोट अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन के पक्ष में एकजुट न हो सकें। पार्टी ने आरोप लगाया कि विजय की राजनीतिक रणनीति अंततः सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचा सकती है।
प्रसाद ने कहा कि एमजीआर और जे. जयललिता जैसे नेताओं ने जमीनी स्तर पर लंबे जनसंपर्क और सेवा के माध्यम से सत्ता हासिल की थी। उन्होंने भरोसा जताया कि तमिलनाडु की जनता चुनाव से पहले सभी दलों की राजनीतिक मंशा का गंभीरता से आकलन करेगी।
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राज्य में विपक्षी राजनीति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे सियासी मुकाबला और भी तीखा होता दिख रहा है।