दिल्ली : राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने अपने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा कि हाल ही में जनगणना को लेकर जारी अधिसूचना से यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि किन समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है और कौन से समुदाय अब भी वंचित हैं।

केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने या उससे बाहर करने के मानदंडों की समीक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर लगातार जानकारी जुटा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी भी स्तर पर सुधार की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के समक्ष भी रखेंगी। उनका कहना है कि आयोग का उद्देश्य सभी वर्गों के साथ न्याय सुनिश्चित करना है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने इस अहम जिम्मेदारी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि उनका राजनीतिक और सामाजिक सफर उन्हें इस पद तक लेकर आएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता आयोग से जुड़े सभी लंबित और महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करना होगा। आयोग के कामकाज और प्राथमिकताओं को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया सामाजिक न्याय को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगी।

बता दें कि बुधवार को उन्होंने आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ओबीसी आयोग की अध्यक्ष का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस अवसर की तस्वीरें भी साझा की और समाज के उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आयोग का संकल्प है कि पिछड़े वर्गों को न्याय, सुरक्षा, सम्मान और विकास के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य के साथ आयोग पूरी निष्ठा से कार्य करेगा।

गौरतलब है कि साध्वी निरंजन ज्योति इससे पहले केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जन्मी ज्योति निषाद मल्लाह समुदाय से आती हैं और फतेहपुर से सांसद भी रह चुकी हैं।

बता दें कि साध्वी निरंजन ज्योति केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहले दो कार्यकाल में मंत्री रही हैं। उन्हें 2014 में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया था।