मार्च का महीना खत्म होने को है, और इसके साथ ही एक नए वित्त वर्ष की शुरुआत होने वाली है। जैसा कि हम जानते हैं, हर महीने की पहली तारीख को कई नियमों में बदलाव आते हैं, और 1 अप्रैल 2026 भी कुछ ऐसे ही बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। ये बदलाव सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे, इसलिए इन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। चलिए, फटाफट जान लेते हैं कि 1 अप्रैल से कौन से नियम बदलने वाले हैं!
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध से एनर्जी संकट गहराने के बीच, भारत में हर महीने की पहली तारीख को कई तरह के नियमों में बदलाव देखने को मिलते हैं। इसी तरह 1 अप्रैल को भी कई ऐसे बदलाव होने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
फास्टैग नियमों में होने जा रहा है बदलाव
अगर आप अपनी गाड़ी लेकर एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है! एनएचएआई (NHAI) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से फास्टैग के सालाना पास की कीमत में बढ़ोतरी होने वाली है। अब आपको 3000 रुपये की जगह 3075 रुपये चुकाने होंगे। यह पास निजी वाहनों के लिए है, और इसकी मदद से आप एक्सप्रेसवे पर 200 ट्रिप कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव से 50 लाख से ज्यादा फास्टैग यूजर्स पर असर पड़ने वाला है। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद हो सकती है, यानी टोल का भुगतान केवल फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा।
एटीएम निकासी नियमों में बदलाव
एचडीएफसी (HDFC) बैंक ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। बैंक के अनुसार, अब यूपीआई (UPI) के माध्यम से की गई कैश निकासी को भी आपके मासिक फ्री ट्रांजैक्शन में गिना जाएगा। यानी, अगर आप यूपीआई और कार्ड से मिलाकर 5 से अधिक ट्रांजैक्शन करते हैं, तो बैंक आपसे चार्ज लेना शुरू कर देगा। आपको बता दें कि हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये + जीएसटी चार्ज देना होगा। यह नियम HDFC बैंक के साथ-साथ अन्य बैंकों के एटीएम पर भी लागू होगा, जहां मेट्रो शहरों में 3 और गैर-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा है।
टिकट कैंसिल नियमों में होगा बड़ा उलटफेर
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल कराने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब टिकट कैंसिल कराने पर आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने कन्फर्म टिकट के नियमों में सख्ती अपनाई है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इनके मुताबिक रिफंड की रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कितने समय पहले टिकट कैंसिल करते हैं।
- अगर आप ट्रेन छूटने के 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा। इस स्थिति में केवल फ्लैट चार्ज ही काटा जाएगा।
- अगर आप 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपके टिकट का 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
- वहीं, अगर 24 घंटे से 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल किया जाता है, तो टिकट का 50 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
- सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय में अगर आप टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी।
तो दोस्तों, ये थे 1 अप्रैल 2026 से होने वाले कुछ बड़े फाइनेंशियल बदलाव। इन नियमों को ध्यान में रखकर आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकते हैं और अपनी जेब पर पड़ने वाले असर को कम कर सकते हैं। सतर्क रहें और अपडेटेड रहें!