बीकानेर में अवैध बजरी खनन पर ₹16.85 करोड़ का जुर्माना, कोलायत में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
बीकानेर जिले के श्रीकोलायत क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन खातेदारों पर ₹16.85 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कोलायत की हाडला भाटियान ग्राम पंचायत में की गई।
बीकानेर, राजस्थान: बीकानेर जिले के श्रीकोलायत क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन खातेदारों पर ₹16.85 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कोलायत की हाडला भाटियान ग्राम पंचायत में की गई। यह कदम न केवल खनन माफिया के खिलाफ सख्ती का संकेत है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और खनिज संपदा की रक्षा की दिशा में एक अहम पहल भी है।
खातेदारी भूमि पर बिना अनुमति हो रहा था बजरी खनन
राज्य सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनिज विभाग को सूचना मिली कि हाडला भाटियान में कुछ खातेदार अपनी जमीन पर अनाधिकृत खनन कर रहे हैं। जांच में पाया गया कि जगमाल सिंह, छैलू सिंह और नारायणी कंवर नामक खातेदारों की भूमि पर बिना वैध अनुमति के 2 लाख 80 हजार 800 टन बजरी का खनन किया गया है।
खनिज अभियंता महेश प्रकाश पुरोहित ने बताया कि मौके पर निरीक्षण के बाद मौका पंचनामा तैयार कर इन तीनों खातेदारों पर ₹16.85 करोड़ का जुर्माना लगाया गया।
कोलायत में बजरी की किल्लत और माफिया का दबदबा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कोलायत क्षेत्र में अवैध बजरी खनन वर्षों से चलता आ रहा है। यह न केवल सरकारी राजस्व की हानि कर रहा है बल्कि बजरी की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। रॉयल्टी वसूली में हो रही मनमानी के चलते बाजार में बजरी की किल्लत है, जिससे आम जनता को निर्माण कार्यों में परेशानी हो रही है।
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Follow News Tv India on WhatsAppपर्यावरणीय नुकसान और भूजल स्तर पर असर
अवैध खनन के कारण खेती योग्य जमीन और नदी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इससे जलस्तर में गिरावट, मिट्टी की उर्वरता में कमी, और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसका दुष्परिणाम आने वाले वर्षों में और भी भयावह हो सकता है।
प्रशासन की सख्ती जारी, शिकायतों के लिए ऑनलाइन सुविधा
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई एक शुरुआत है और अवैध खनन के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारी ने बताया कि आम जनता भी खनन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती है।
स्थानीय लोगों की मांग: केवल जुर्माना नहीं, कानूनी सजा भी हो
स्थानीय किसान हरि सिंह ने कहा, “माफिया इतने ताकतवर हैं कि जुर्माना भर देना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं। सरकार को चाहिए कि सख्त कानूनी सजा दी जाए ताकि यह खनन रैकेट खत्म हो सके।” लोगों की मांग है कि नियमित जांच, CCTV निगरानी, और स्थानीय प्रशासन की भागीदारी से ही इस संकट को जड़ से खत्म किया जा सकता है।