US-Israel-Iran War LIVE Updates: बुधवार को, ईरान ने मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध को रोकने के अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकरा दिया. इसके बजाय, ईरान ने अपनी तरफ से एक जवाबी प्रपोजल पेश किया. बता दें कि अमेरिका के 15 सूत्रीय प्लान में कई मुख्य बातें शामिल थीं. ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, उसके मिसाइल विकास पर सीमाएं लगाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है. वहीं, ईरान ने अपना प्रस्ताव शेयर किया. उसकी मांगों में उसके टॉप अधिकारियों की हत्याएं रोकना, इस बात की गारंटी कि भविष्य में उसके खिलाफ कोई युद्ध शुरू नहीं किया जाएगा, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा (हर्जाना) देना, सभी लड़ाइयों को तुरंत खत्म करना और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण कंट्रोल होना शामिल है. आज इस युद्ध में क्या-क्या अपडेट है, यहां जानें
US-Iran War LIVE Updates: शांति प्रस्तावों पर रार; ईरान ने ठुकराई अमेरिकी शर्तें, मुआवजे और होर्मुज पर नियंत्रण की रखी मांग
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US-Iran Crisis: ट्रंप के प्रस्तावित चीन दौरे से पहले बीजिंग के सुर बदले; ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की तैयारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी चीन दौरे से पहले चीन ने ईरान विवाद पर अपने कूटनीतिक रुख में बदलाव के संकेत दिए हैं। बीजिंग अब तनाव कम करने और ईरान को बातचीत के लिए राजी करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि उच्च-स्तरीय अमेरिकी-चीन शिखर सम्मेलन के लिए स्थिर वातावरण तैयार किया जा सके।
अमेरिकी सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, चीन अब केवल ईरान का मूक समर्थक नहीं रह गया है बल्कि वह शांतिदूत की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। बीजिंग ने संकेत दिया है कि वह ईरानियों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए सक्रिय है और इस बदलाव को छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन चाहता है कि राष्ट्रपति ट्रंप की मेजबानी करने से पहले खाड़ी की स्थिति स्थिर हो जाए जिससे द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा वार्ताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। खाड़ी में जारी युद्ध और हालिया हमलों के कारण राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे की तारीखों में बदलाव हो सकता है और अब इसके मई 2026 में होने की चर्चा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक आर्थिक चिंताएंहोर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर है जो दुनिया भर में तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। यहाँ किसी भी तरह की रुकावट का मतलब वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल है। एक बड़ी ऊर्जा आयातक अर्थव्यवस्था होने के नाते चीन के लिए भी यह जरूरी है कि खाड़ी में पूर्ण रूप से शांति बहाल हो। एशिया का हर देश इस प्रस्तावित समिट पर करीब से नजर रख रहा है क्योंकि इससे इलाके की स्थिरता और आर्थिक हालात पर गहरा असर पड़ सकता है।
चुनौतियां और रणनीतिक मुद्देकूटनीतिक बातचीत के बीच कुछ गंभीर मुद्दे अब भी बने हुए हैं जिन पर अमेरिकी वार्ताकार कड़ी नजर रख रहे हैं। इसमें चीन द्वारा ईरानी तेल की खरीद और ईरान को संभावित सैन्य समर्थन जैसे विषय शामिल हैं। युद्ध से पहले चीन द्वारा ईरान को एंटी-शिप मिसाइल बेचने की चर्चाओं ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी थी। इन मुश्किलों के बावजूद दोनों पक्ष बातचीत बनाए हुए दिख रहे हैं क्योंकि यह दोनों के ही हित में है। यदि चीन ईरान को बातचीत के लिए राजी कर लेता है, तो यह मौजूदा वैश्विक संकट के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हो सकती है।
ईरान ने अमेरिका को दी होर्मुज से 10 तेल टैंकर गुजरने की अनुमति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्धविराम पर चल रही बातचीत के बीच ईरान ने अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 10 तेल टैंकर गुजरने की अनुमति दी है.
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