महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई से उद्योग और आर्थिक केंद्रों के बाहर जाने को लेकर बिना नाम लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की वजह से मुंबई अपना महत्व धीरे-धीरे खो रही है और यह सब राज्य में "तीन भाषा नीति" को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है।
मुंबई का उद्योग और अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल
उद्धव ठाकरे ने कहा,
हिंदी भाषा विवाद और मराठी अस्मिता
हाल ही में राज्य में हिंदी-तीन भाषा नीति पर विवाद गरमाया हुआ है। इस पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा,
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का यह निर्णय मराठी भाषा और विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव डालने जैसा है।
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विधान भवन परिसर में मारपीट पर दुःख
शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने विधान भवन परिसर में बीजेपी विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी (शरद पवार) विधायक जितेंद्र आव्हाड के समर्थकों में हुई मारपीट की घटना पर भी चिंता जताई। ठाकरे ने कहा,
मुंबई का भविष्य और शिवसेना का संकल्प
उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि मुंबई महाराष्ट्र की पहचान है और कोई भी राजनीतिक ताकत इसे अलग नहीं कर सकती। उन्होंने चेताया कि मुंबई के आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व को किसी कीमत पर कम नहीं होने दिया जाएगा। मुंबई के लिए उन्होंने नई आर्थिक नीतियों, रोजगार के अवसरों और औद्योगिक विकास पर फिर से ध्यान केंद्रित करने की बात भी कही।
इस प्रकार, उद्धव ठाकरे ने मुंबई के औद्योगिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ भाषा नीति पर भी बीजेपी सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने राज्य की जनता को विश्वास दिलाया कि मुंबई की छवि और महाराष्ट्र की अस्मिता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा।