भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना’ लागू करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत किसान न केवल अपने खेतों की सिंचाई सौर ऊर्जा से कर सकेंगे, बल्कि 25 वर्षों तक सरकार को बिजली भी बेच सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं इस योजना की जानकारी सोशल मीडिया के ज़रिये साझा की।
योजना का मूल उद्देश्य
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य किसानों को दिन के समय गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि वे सिंचाई के लिए निर्बाध रूप से बिजली का उपयोग कर सकें। योजना के अंतर्गत 11 किलोवोल्ट (kV) साइड से सीधे बिजली आपूर्ति की जाएगी, जिससे सबस्टेशन के सभी फीडरों को एक साथ दिन में बिजली मिल सकेगी।
100% क्षमता तक सौर परियोजनाएं
राज्य सरकार ने योजना के तहत प्रत्येक विद्युत सब-स्टेशन पर 100% क्षमता तक सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में राज्य के 1,900 से अधिक सब-स्टेशनों पर 14,500 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए संभावनाएं उपलब्ध हैं।
स्थानीय रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को ध्यान में रखते हुए, इस योजना से स्थानीय उद्यमियों को निवेश और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड के माध्यम से सात वर्षों तक 3% ब्याज में छूट दी जाएगी।
25 वर्षों तक होगा बिजली खरीद अनुबंध
सरकार द्वारा परियोजना संचालकों के साथ 25 वर्षों का बिजली क्रय अनुबंध (Power Purchase Agreement) किया जाएगा। इससे किसानों और निजी निवेशकों को एक स्थायी आमदनी का जरिया मिलेगा, और वे ऊर्जा उत्पादक बनकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगे।