Key Highlights
- आम आदमी पार्टी के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को देवभूमि द्वारका के खंभालिया में हिरासत में लिया गया।
- आप विधायक गोपाल इटालिया ने आरोप लगाया कि पुलिस को भाजपा कार्यालय से निर्देश मिले थे।
- पार्टी ने दावा किया कि गुजरात में पिछले तीन महीनों में आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ 45 एफआईआर दर्ज हुई हैं।
अहमदाबाद, बुधवार को गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पार्टी के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी को देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया है। गढ़वी यहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे।
विसावदर से आप विधायक गोपाल इटालिया ने बताया कि इसुदान गढ़वी को दोपहर करीब 2:30 बजे हिरासत में लिया गया। इटालिया ने सीधा आरोप लगाया कि पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बताया कि उन्हें आप नेताओं को हिरासत में लेने के निर्देश भाजपा कार्यालय से मिले हैं।
इटालिया ने आगे कहा कि हाल के दिनों में पूरे राज्य में आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। उनका कहना था कि भाजपा सरकार इतनी भयभीत हो गई है कि रोजाना चार, पांच या यहां तक कि 10 मामले आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस टीमों ने सुरेंद्र नगर और पोरबंदर सहित कई जगहों पर देर रात पार्टी कार्यकर्ताओं के घर जाकर उन्हें धमकाया। इसके साथ ही उन पर अत्याचार किया गया और ताकत का दुरुपयोग किया गया। खंभालिया में पुलिस ने मंगलवार शाम को पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जबकि जूनागढ़ में पहले से ही एक मामला दर्ज है।
इटालिया ने आरोप लगाया कि खंभालिया में आप कार्यकर्ताओं को पुलिस ने धमकाया और कथित तौर पर उन्हें चुनाव से संबंधित डेटा अपने मोबाइल फोन से हटाने के लिए कहा गया। उन्होंने इस कार्रवाई को सत्ता पक्ष के डर का नतीजा बताया।
इटालिया ने गढ़वी की हिरासत को 'अत्याचार की हद पार करना' बताया और कहा कि आप नेता को खंभालिया पुलिस स्टेशन में रखा गया है। उन्होंने पार्टी समर्थकों से अपील की कि वे खंभालिया पहुंचें और कार्यकर्ताओं का समर्थन करें, साथ ही आगामी चुनाव में जागरूक होकर प्रतिक्रिया दें।
पार्टी के गुजरात नेता मनोज सोराठिया ने एक अलग बयान में स्थिति पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ कुल 45 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सोराठिया के अनुसार, सार्वजनिक मुद्दे उठाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने का एक तरीका अपनाया गया है।
सोराठिया ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, वहीं आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ रोजाना मामले दर्ज किए जा रहे हैं।