चंडीगढ़: पंजाब में शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों का कायाकल्य करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। राज्य की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ कर सरकार ने न केवल अन्नदाताओं को सशक्त किया है बल्कि प्रदेश के खजाने को भी रिकॉर्ड मजबूती प्रदान की है। मान सरकार ने किसानों के खेतों तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ बिजली की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने में अहम भूमिका निभाई है। सिंचाई को ध्यान में रखते हुए नहरी पानी की उपलब्धता से भूजल पर निर्भरता कम हुई है और किसान अब समय पर पंपों के माध्यम से फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं जिससे पैदावार में सुधार हुआ है।
मजबूत राजस्व से विकास कार्यों को मिली नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री की कुशल वित्तीय नीतियों के कारण पंजाब के राजस्व में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की कुल राजस्व प्राप्ति 1,11,740 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें आबकारी, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत सभी सेक्टर ने अहम भूमिका निभाई है। मान सरकार इस मजबूत राजस्व के साथ विकास के अन्य तमाम कार्यों को गति दे रही है जिसमें सड़कों का निर्माण, छात्रों के लिए नई कल्याणकारी नीतियां और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इसका सीधा लाभ पंजाब की जनता तक पहुँच रहा है और बुनियादी ढांचा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रहा है।
कुशल नीतियों से सशक्त हुआ ग्रामीण और शहरी पंजाब
भगवंत मान सरकार की नीतियों ने ग्रामीण पंजाब की तस्वीर बदलने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। कृषि जगत में सुविधाओं का विस्तार कर सरकार ने अन्नदाताओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुँचाया है जिससे ग्रामीण जीवन की रीढ़ मजबूत हुई है। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने और शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधार लागू करने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री की इन दूरगामी पहलों ने 'रंगला पंजाब' की नींव को और भी ठोस बना दिया है जिससे पंजाब एक बार फिर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपनी पहचान बना रहा है।