उदयपुर: मेवाड़ राजपरिवार में प्रॉपर्टी विवाद फिर से उभर आया है। सोमवार को पूर्व सांसद और मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद उनके पुत्र विश्वराज सिंह मेवाड़ का राजतिलक किया गया। इसके बाद सिटी पैलेस में धूणी दर्शन को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सिटी पैलेस विवाद और प्रशासन की कार्रवाई
विश्वराज सिंह का सिटी पैलेस में धूणी माता दर्शन का कार्यक्रम था, लेकिन सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। जगदीश चौक पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, लेकिन विवाद पथराव में बदल गया। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन मामला रात तक चलता रहा।
प्रशासन ने विवादित स्थल को कुर्क करते हुए रिसीवर नियुक्त कर दिया। अब विवादित स्थल का निर्णय रिसीवर द्वारा किया जाएगा।
चार दशकों से जारी प्रॉपर्टी विवाद
मेवाड़ राजपरिवार में प्रॉपर्टी विवाद 1983 से जारी है, जब महेंद्र सिंह ने अपने पिता भगवत सिंह की वसीयत को कोर्ट में चुनौती दी। भगवत सिंह ने अपनी वसीयत में अपनी संपत्तियां छोटे बेटे अरविंद सिंह मेवाड़ को सौंप दी थीं।
विश्वराज सिंह ने समर्थकों से की अपील
विश्वराज सिंह ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “कानून को हाथ में न लें। प्रशासन द्वारा लगाए गए नोटिस पर आगे की कार्रवाई होगी।”
राजतिलक के बाद बढ़ा तनाव
चित्तौड़ के फतेह प्रकाश महल में राजतिलक के बाद, विश्वराज सिंह उदयपुर पहुंचे। यहां धूणी दर्शन कार्यक्रम के दौरान विवाद बढ़ा।