नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 1948 में प्रस्तावित संशोधनों के पारित होने पर प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समृद्धि के लिए एक बड़ा कदम बताया।

प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा,

ऊर्जा क्षेत्र में संशोधन क्यों है महत्वपूर्ण?

राज्यसभा में पारित हुआ यह संशोधन भारत के ऊर्जा क्षेत्र को अधिक सुदृढ़ और सुरक्षित बनाएगा। साथ ही, यह कानून भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लक्ष्य को मजबूत करेगा और देश को आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाएगा।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस महत्वपूर्ण संशोधन पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि यह कदम ऊर्जा क्षेत्र (Oil Sector) के विनियमन और विकास के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा नीति (Energy Policy) को नई दिशा देने वाला बताया।

ऊर्जा सुरक्षा का महत्व

  • ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आर्थिक विकास को गति देती है।
  • तेल और गैस क्षेत्र में सुधार से भारत की आत्मनिर्भरता (Self-reliance) बढ़ेगी।
  • इस कानून से निजी क्षेत्र को भी ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में निवेश करने के अवसर मिलेंगे।

इस संशोधन से होने वाले लाभ

  1. ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) में स्थिरता।
  2. तेल और गैस क्षेत्र में निवेश (Investment) के अवसर।
  3. भारत को ऊर्जा के आयात (Energy Imports) पर निर्भरता कम करने में मदद।
  4. देश की आर्थिक प्रगति (Economic Growth) में योगदान।

प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह संशोधन न केवल भारत की ऊर्जा नीति (Energy Policy) को सशक्त बनाएगा, बल्कि देश के सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्यों को भी पूरा करेगा। उन्होंने इसे समृद्ध भारत (Prosperous India) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

ऊर्जा क्षेत्र में सुधार भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह कानून देश के ऊर्जा क्षेत्र (Oil & Gas Sector) में नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।