पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के साथ सुरक्षा और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कोविड-19 के समन्वय का उदाहरण देते हुए राज्यों को जमाखोरी रोकने, ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र में उर्वरकों का अग्रिम भंडारण करने के विशेष निर्देश दिए हैं।
टीम इंडिया का संकल्प और समन्वय
प्रधानमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए भरोसा जताया कि “टीम इंडिया” के सामूहिक प्रयासों से देश हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उस दौरान केंद्र और राज्यों के मजबूत समन्वय के कारण कई बड़ी चुनौतियों को सफलतापूर्वक संभाला गया था, उसी तरह वर्तमान संवेदनशील स्थिति का सामना भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह रोजाना वैश्विक हालातों की समीक्षा कर रहा है और हर स्तर पर स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सरकार की प्राथमिकताएं और आर्थिक सुरक्षा
वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकताएं आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू रखना, ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना और नागरिकों के हितों की रक्षा करना है। इसके अलावा, उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chain) को मजबूत करना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्यों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि वे आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखें और आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आने दें। साथ ही, उन्होंने जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और राज्य एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने को कहा।
कृषि क्षेत्र और विशेष निर्देश
कृषि क्षेत्र को लेकर भी प्रधानमंत्री ने विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों के भंडारण और वितरण की अग्रिम योजना बनाने पर जोर दिया, ताकि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बीच भारतीय किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अंत में, प्रधानमंत्री ने अफवाहों और गलत सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी समय पर जनता तक पहुँचाना बेहद जरूरी है ताकि अनावश्यक डर और भ्रम की स्थिति पैदा न हो। साथ ही, उन्होंने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने की सलाह भी दी।