नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि 2026 अपनी पूर्ण दिव्यता के साथ आगे बढ़ रही है। नवरात्रि के छठे दिन भक्त मां कात्यायनी की उपासना करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था, इसीलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा। देवी का यह स्वरूप शत्रुओं का दमन करने वाला और भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला है।
मां कात्यायनी की पूजा और किन्हें मिलेगा विशेष लाभ
चैत्र नवरात्रि 2026 के छठे दिन की पूजा उन जातकों के लिए अत्यंत मंगलकारी है जो लंबे समय से जीवन में अवरोधों का सामना कर रहे हैं। जिन कन्याओं के विवाह में विलंब हो रहा है या अड़चनें आ रही हैं, उन्हें मां कात्यायनी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके अलावा यदि कुंडली में बृहस्पति (गुरु) ग्रह कमजोर है, तो मां की आराधना से उसे मजबूती मिलती है, जिससे करियर और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। निसंतान दंपत्तियों के लिए भी मां का आशीर्वाद फलदायी माना गया है और असाध्य रोगों से मुक्ति व मानसिक शांति के लिए भी इस दिन का विशेष महत्व है।
Chaitra Navratri 2026 की पूजन विधि और मां को प्रिय वस्तुएं
देवी मां को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को विधि-विधान का पालन करना चाहिए। मां कात्यायनी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन भक्तों को सुबह जल्दी स्नान कर पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। पूजा के दौरान मां को पीले फूल (खासकर गेंदा), हल्दी की गांठें और पीले फल अर्पित करना शुभ होता है। मां कात्यायनी को शहद और बेसन के लड्डू का भोग लगाना सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इससे मां प्रसन्न होकर जीवन की कड़वाहट दूर करती हैं और मधुरता का आशीर्वाद देती हैं।
मंत्र जाप से सिद्ध होंगे बिगड़े काम
मंत्रों में वह शक्ति है जो देवी की कृपा को सीधे आप तक पहुंचाती है। चैत्र नवरात्रि 2026 पर मां कात्यायनी के विशेष आशीर्वाद के लिए ॐ क्लीं श्री त्रिनेत्राय नमः मंत्र का जाप करें। धार्मिक जानकारों के अनुसार, यदि इस दिन सच्चे मन से 108 बार इस मंत्र का जाप किया जाए, तो विवाह मार्ग की सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं और व्यक्ति का स्वास्थ्य व जीवन आनंदमय हो जाता है।